झारखंड में बनेंगे नये प्रखंड,  श्रमिक मित्र की भी होगी बहाली

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार जनहित का ख्याल रख रही है साथ ही इसको लेकर नीतियां बना रही हैं। राज्य की भौगोलिक स्थिति अलग है। झारखंड पठारी इलाका है। प्रखंड कार्यालय दूर रहने से लोगों को परेशानी होती है़। सरकार नये प्रखंड बनाने के लिए पूरे राज्य का सर्वे करायेगी। जल्द ही जमीन का यूनिक आइडी भी जारी किया जायेगा। इससे जमीन विवाद पर अंकुश लगेगा। मुख्यमंत्री श्री सोरेन गुरुवार को सदन में सत्ता पक्ष के विधायक लोबिन हेंब्रम के सवाल पर सरकार का पक्ष रख रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच-सात पंचायतों में एक प्रखंड रहने और दूर होने की वजह से परेशानी होती है। सरकार सर्वे करा कर यह जानने का प्रयास करेगी कि राज्य में कितने प्रखंडों की जरूरत है। लोगों को किस तरह नये प्रखंड से सहूलियत होगी। ण्मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि भू-माफिया जमीन इधर-उधर कर रहे हैं। खतियान, रसीद निर्गत करने व इसमें गड़बड़ी की शिकायत कोई आज की नहीं है। समस्या एक दिन की नहीं है। इसका इतिहास लंबा है। सरकार बेहतर व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रही है। हर प्लॉट का यूनिक आइडी दिया जायेगा। इस दिशा में काम हो रहा है।श्री सोरेन गुरुवार को भाजपा विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा के सवाल का जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य की जमीन को चिह्नित करेगी। इसके लिए नये तरीके के डिवाइस लगाये जायेंगे। यूनिक कोड लोगों को दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इसमें थोड़ा वक्त लगेगा। इस काम को हम मजबूती से अगले सत्र में रखेंगे। श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं को मजदूरों तक पहुंचाने और उनकी समस्या का निराकरण के लिए सरकार हर पंचायत में श्रमिक मित्र बहाल करेगी। श्रमिकों की पंजीयन करवाने तथा योजनाओं का लाभ दिलाने सहित अन्य कार्य के लिए उन्हें मानदेय दिया जायेगा। इस बात की घोषणा श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने सदन में की। देश.विदेश में कहीं भी श्रमिकों की मौत हो जाने पर उन्हें वहां से लाने अथवा उन्हें किसी अन्य तरह की परेशानियों से राहत देने के लिए अंतराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर का कॉल सेंटर स्थापित किया गया है और इसके लिए एक सहायता नंबर 18003456526 को सदन में जारी किया गया।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.