सातवें चरण के रण में योगी सरकार के 6 मंत्रियों की साख दांव पर
वाराणसी । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के सातवें चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार थम चुका है। अब 7 मार्च को मतदाता उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। सातवें चरण में 9 जिलों की 54 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इस चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ वाराणसी में भी मतदान होना है। ऐसे में बनारस की जनता के सामने एक तरह से पीएम मोदी की छवि और सीएम योगी के कार्यकाल की परीक्षा है । इस चरण में आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही जिलों में मतदान होना है। इन जिलों की 54 सीटों पर कुल 613 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनके भाग्य का फैसला 2.06 करोड़ मतदाता करेंगे। पिछले चुनाव में इन 54 सीटों में से भाजपा ने 29, सपा ने 11, बसपा ने 6, अपना दल (एस) ने 4, सुभासपा ने 3 और निषाद पार्टी ने 1 सीट जीती थी।
योगी सरकार के सात मंत्रियों की साख इस चरण में दांव पर है। सातवें चरण में उतरे छह वर्तमान मंत्रियों में एक कैबिनेट, दो राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और तीन राज्य मंत्री स्तर के हैं। तीन मौजूदा मंत्री तो वाराणसी की विभिन्न सीटों पर दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिल राजभर वाराणसी की शिवपुर सीट से फिर किस्मत आजमा रहे हैं। स्टांप एवं निबंधन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल वाराणसी उत्तर, पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नीलकंठ तिवारी वाराणसी दक्षिण, आवास एवं शहरी नियोजन राज्यमंत्री गिरीश यादव जौनपुर, ऊर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल मीरजापुर की मड़िहान सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वन एवं पर्यावरण मंत्री रहे दारा सिंह चौहान विधान सभा चुनाव की घोषणा के बाद सपा में शामिल हो चुके हैं वह मऊ की घोसी सीट से सपा प्रत्याशी हैं।
