डॉ. अंबेडकर निर्मित भारतीय संविधान देश की आत्मा : अठावले
रांची। झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजकीय अतिथि गृह में झारखंड सरकार के समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने बैठक की। बैठक के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने सामाजिक न्याय, शिक्षा, संविधान तथा केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
वार्ता के दौरान श्री अठावले ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित भारतीय संविधान देश की आत्मा है। उन्होंने कहा कि संविधान ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत आधार प्रदान किया है। उन्होंने भगवान बुद्ध के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में जन्मा बौद्ध धर्म विश्व के अनेक देशों तक पहुंचा है तथा शांति, समानता और मानवता का संदेश दे रहा है। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अठावले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 की तुलना में भारत ने आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देश में लगभग तीन करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत लगभग 58 करोड़ लोगों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि देश ने लगभग 79 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड निर्यात का आंकड़ा प्राप्त किया है तथा रक्षा निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सड़क, रेल और हवाई संपर्क के क्षेत्र में व्यापक विस्तार हुआ हैए जिससे देश के समग्र विकास को नई गति मिली है।
झारखंड में केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए श्री अठावले ने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत लगभग 2 करोड़ 56 लाख लोगों को लाभ मिला है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से लगभग 1 करोड़ 73 लाख लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लगभग 39.82 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अठावले ने रामगढ़ स्थित राधा गोविंद विश्वविद्यालय में आर्थिक असमानता एवं बेरोजगारी के संदर्भ में डॉ. भीमराव अंबेडकर का समग्र दृष्टिकोण विषय पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का सपना केवल सामाजिक समानता तक सीमित नहीं थाए बल्कि वे आर्थिक न्याय, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से एक सशक्त भारत का निर्माण करना चाहते थे। युवाओं को उनके विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
