राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए मिल्खा सिंह
चंडीगढ़। उड़न सिख के नाम से मशहूर महान एथलीट पद्मश्री मिल्खा सिंह का अंतिम संस्कार की रस्में पूरी होने के बाद राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन किया गया।
विदित हो कि शुक्रवार को उन्होंने रात 11.30 बजे अंतिम सांस ली। कोरोना संक्रमण के कारण वह तीन जून से पीजीआइ चंडीगढ़ में भर्ती थे। मिल्खा सिंह कोरोना वायरस से तो उभर चुके थे लेकिन पोस्ट कोविड साइडइफेक्ट्स से वह नहीं उबर सके। वह 91 साल के थे। पांच दिन पहले ही उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह का निधन मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में हुआ था। वह भी कोरोना संक्रमण से पीड़ित थीं।
मिल्खा सिंह के घर पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल और हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह भी पहुंचे। वहीं केंद्रीय खेल मंत्री रिजिजू और यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के श्मशानघाट पर पहुंचे। मिल्खा सिंह का पार्थिव शरीर शाम 4.15 बजे घर से सेक्टर 25 श्मशानघाट लाया गया। उड़नसिख मिल्खा सिंह के चाहने वाले भी कई लोग सेक्टर 25 के श्मशानघाट पहुंचे । लोगों ने नम आखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। मिल्खा सिंह के अंतिम दर्शन के लिए पंजाब के लुधियाना से खास तौर पर मास्टर इंटरनेशनल एथलीट चन्नण सिंह भी चंडीगढ़ पहुंचे। चन्नण सिंह ने मलेशिया मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पांच मेडल जीते हैं। मिल्खा सिंह को अपना प्रेरणा स्रोत मानते हैं।
