मुस्लिम आरक्षण मामले पर लालू ने लिया यू -टर्न
पटना। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के मुस्लिम आरक्षण पर वाले बयान को लेकर जब राजनीतिक तापमान चढा तो उन्होंने यू टर्न ले लिया और कहा कि आरक्षण का आधार धर्म नहीं बल्कि सामाजिक पिछडापन होता है।
विदित हो कि मंगलवार सुबह पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुस्लिम आरक्षण को लेकर पूछे गए एक सवाल पर बड़ा बयान देते हुए लालू प्रसाद ने कहा था कि मुस्लिमों को आरक्षण तो मिलना चाहिए। बस फिर क्या था इस बयान ने तूल पकड़ लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर एनडीए के तमाम नेताओं ने इस बयान पर निशाना साधना शुरू कर दिया। शाम होते-होते मामले ने जब काफी तूल पकड़ लिया तो लालू यादव ने अपने पुराने बयान पर सफाई देते हुए मुस्लिम आरक्षण को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। लालू यादव ने कहा कि आरक्षण का आधार धर्म नहीं बल्कि सामाजिक पिछड़ापन होता है। प्रधानमंत्री को इतनी सी भी समझ नहीं है। मंडल कमीशन हमने लागू करवाया है। क्या नरेंद्र मोदी ने कभी मंडल कमीशन और उसकी सिफ़ारिशें पढ़ी है, मंडल कमीशन में 3500 से अधिक पिछड़ी जातियों को आरक्षण मिलता है जिसमें अन्य धर्मों की भी सैंकड़ों जातियों को आरक्षण मिलता है। ये हमसे बड़े और असली ओबीसी नहीं ना है, हमसे ज्यादा गरीबों, पिछड़ों और दलितों की इनको समझ नहीं है। ये लोग बस एक.दूसरे को लड़ाते हैं।
आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने कहा कि बाबा साहेब के संविधान और जननायक कर्पूरी ठाकुर जी द्वारा दिए गए आरक्षण को खत्म करने की संघियों और भाजपाइयों की पुरानी ख्वाहिश और साजिश रही है। सन् 2000 में एनडीए की भाजपाई सरकार ने तो संविधान समीक्षा आयोग ही गठित कर दिया था। ये लोग संविधान को मानते ही नहीं है। अगर संविधान को मानते तो नफरत फैलाने वाली विभाजनकारी भाषा का प्रयोग नहीं करते।
