भारतीय वायुयान विधेयक, 2014 को ध्वनिमत से मंजूर

नई दिल्ली । लोकसभा ने विमान के डिजाइन, निर्माण, रख-रखाव, संचालन और बिक्री सहित विमानन उद्योग के विभिन्न पहलुओं को विनियमित करने के प्रावधानों वाले भारतीय वायुयान विधेयक, 2024 को शुक्रवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
विधेयक पर सदन में बृहस्पतिवार को चर्चा पूरी हो गयी थी और नागरिक विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने शुक्रवार को सदन में चर्चा का जवाब दिया जिसके बाद सदन ने विभिन्न विपक्षी सदस्यों के संशोधन प्रस्तावों को खारिज कर दिया तथा विधेयक को ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। भारतीय वायुयान विधेयक 2024 के कानून बनने के साथ ही विमानन कानून में मौजूदा विसंगतियों को दूर करेगा और इस उद्योग को बढ़ने में मदद करेगा। नायडू ने नये कानून की आवश्यकता को रेखांकित किया और कहा कि विमान अधिनियम, 1934 पिछले कुछ वर्षों में अपने कई संशोधनों के कारण पुराना हो गया है। लोकसभा में 31 जुलाई को पेश किए गए इस विधेयक का उद्देश्य विमान के डिजाइन, निर्माण, रख-रखाव, संचालन और बिक्री सहित विमानन उद्योग के विभिन्न पहलुओं को विनियमित करना है।
नायडू ने बताया कि 1934 के अधिनियम में 21 संशोधन किए गए, जिसके परिणामस्वरूप, विशेष रूप से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) जैसे आंतरिक संगठनों की शक्तियों और कार्यों के संबंध में अस्पष्टताएं और विरोधाभास उत्पन्न हुए। उन्होंने बताया कि इन मुद्दों ने विमानन क्षेत्र में भ्रम पैदा किया है, जिससे संबंधित अधिकारियों के लिए प्रभावी ढंग से काम करना मुश्किल हो गया है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि पूरे अधिनियम को नया रूप देने की सख्त जरूरत थी, और यही वजह है कि सरकार ने नया कानून पेश किया है। उन्होंने भारत के विमानन कानूनों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि प्रस्तावित अधिनियम मौजूदा विसंगतियों को दूर करेगा और उद्योग को विकसित होने में मदद करेगा।

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