राष्ट्र सेविका समिति के सम्मेलन में राष्ट्रपति शामिल होंगी
नई दिल्ली। नारियों को सशक्त और जागरुक बनाने के उदेश्य से यहां के विज्ञान भवन में सात और आठ मार्च को भारती नारी से नारायणी सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी हिस्सा लेंगी। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में श्रीमती मुर्मु आठ मार्च को भाग लेंगी और वह यहां एक घंटे तक रहेंगी। इस सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंधित संगठन राष्ट्र सेविका समिति और शरण्या भारतीय विद्वत परिषद (बीवीपी) के सहयोग से कर रही है।
इस संगठनों की प्रतिनिधियों ने शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि महिलाओं के उत्थान को लेकर आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सात मार्च को करेंगी। वहीं श्रीमती मुर्मु इस सम्मेलन में आठ मार्च को शामिल होंगी। वह इस सम्मेलन में आठ मार्च को शाम चार बजे से पांच बजे तक रहेंगी। उन्होंने इसके लिए अपनी सहमति प्रदान कर रही हैं। संवाददाता सम्मेलन को बीवीपी की सचिव प्रो. शिवानी वी. राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख सुश्री सीता गायत्री अन्नदानम, राष्ट्र सेविका समिति के दिल्ली प्रांत की प्रचार प्रमुख डॉ. रचना वाजपेयी, शरण्या की अध्यक्ष अंजू अहुजा ने संबोधित किया। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई अन्य मंत्री शामिल होंगे। इस सम्मेलन में एक सत्र सांसदों के लिए भी निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन की थीम विद्या, मुक्ति, प्रकृति, सिद्धि, शक्ति, चेतना, संस्कृति और कृति है। इसमें विभिन्न वर्गों और पेशों से जुड़ी हुईं देशभर की महिलाएं शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में शिक्षा, भारतीय धरोहर, कला और संस्कृति, समाज सेवा, राजनीति एवं प्रशासनिक सेवा से जुड़ी महिलाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही इस में विज्ञान एवं तकनीक, रक्षा बलों, स्वास्थ्य सेवा, उद्योग जतक, वित्त, न्यायपालिका और अध्यात्म से जुड़ी हुईं महिलाएं भी शामिल होंगी। इसके अलावा खेल.कूद, पत्रकारिता और साहित्य सहित अन्य अन्य क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं भी शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि अध्यात्म जगत से साध्वी ऋतंभरा विशेष तौर पर मौजूद रहेंगी।
श्रीमती शिवानी ने कहा कि “भारती नारी से नारायणी” भारतीय विचारों और संस्कृति का नेतृत्व करने वाली महिलाओं का एक सम्मेलन है। हम भारत के सभी क्षेत्रों से विभिन्न जीवन क्षेत्रों की विचार नेतृत्व करने वाली महिलाओं को चर्चा में भाग लेने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। यह शोध.पत्र प्रस्तुति नहीं है, बल्कि चर्चा सत्र है जहाँ प्रतिभागी महिलाओं के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगी। देश के दूरदराज़ क्षेत्रों की महिलाओं के लिए क्या किया जा सकता है और विभिन्न क्षेत्रों में वे जिन चुनौतियों का सामना करती हैं उनका समाधान कैसे किया जाए इस विषय पर इस सम्मेलन में मंथन किया जाएगा।
