केजरीवाल ने मुसलमानों को बदनाम किया : ओवैसी

नई दिल्ली। दिल्ली एमसीडी चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही दिल्ली में सियासी हलचल में इजाफा होने लगा है। बीजेपी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के अलावा एआइएमआइएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी भी मैदान में उतर गए हैं। ओवैसी की पार्टी 250 वार्डो में से महज 15 वार्डो पर चुनाव लड़ रही है। मगर ओवैसी के चुनावी प्रचार में जो तेवर दिख रहा है उससे यह साबित हो रहा है कि उन्हें बीजेपी से ज्यादा खतरा आम आदमी पार्टी से लग रहा है। ओवैसी ने दिल्ली में एक जनसभा के दौरान केजरीवाल पर छोटा रिचार्ज बोलकर तंज कसते हुए कहा कि कोरोना के दौरान केजरीवाल ने मुसलमानों को बदनाम किया और कहा कि कोरोना अगर बढ़ा तो उसकी जिम्मेदारी तब्लीगी जमात की होगी। ओबैसी ने कहा कि अल्पसंख्यकों को ध्यान में रखकर एआइएमआइएम की कोशिश होगी कि वो सभी 15 सीटों को अपने नाम करें।
ओवैसी ने कहा कि कांग्रेस को आपने वोट दिया, आपने उसके बाद आम आदमी पार्टी को वोट दिया, लेकिन किसी ने कोई काम नहीं किया। ना स्कूल बनाया, ना ही साफ सफाई हुई। दिल्ली में करीब 12 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं जिसके चलते हर आठवां वोटर मुसलमान है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 8 विधानसभा और नगर निगम की 250 में से करीब 50 सीटों पर मुस्लिम मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं। ओवैसी ने कहा कि मोदी जी टोपी नहीं पहनते और केजरीवाल जिससे मिलते हैं उसे टोपी पहना देते हैं। उन्होंने कहा कि बिलकिस बानो के मामले पर केजरीवाल का मुंह नहीं खुला, यूनीफॉर्म सिविल कोड पर वो कुछ नहीं बोलते हैं। ओवैसी ने कहा कि यही केजरीवाल थे जिसने कोविड की पहली वेव के दौरान तबलीगी जमात को सुपरस्प्रेडर कहा था। हाईकोर्ट में जब केस गया तो कोर्ट ने उनके झूठ को साबित कर दिया। ओवैसी ने आगे कहा कि ये केजरीवाल ही थे जिन्होंने कहा था कि एक दिन के लिए पुलिस दे दो पूरे शाहीन बाग को खाली करा दूंगा। असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल और बीजेपी मिलकर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच समझौता है तुम लोकसभा जीत लो, हम विधानसभा जीत लेंगे। ओवैसी ने आगे कहा कि बीजेपी को फायदा उनसे नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस से हो रहा है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को इन सभी पार्टियों के चुनावी वादों पर भरोसा ना करने की नसीहत दी।

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