कमजोरों को दबाने की राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरा : खरगे
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों पर लगातार हमलों से स्पष्ट है कि देश में कमजोर वर्गों को दबाने की राजनीति चल रही है जो लोकतंत्र के लिए घातक है।
श्री खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी जी, राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार 2013 से 2023 के बीच दलितों के खिलाफ़ अपराधों में 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आदिवासियों के खिलाफ़ 91 फीसदी अपराध बढ़ें हैं। हरियाणा में आईपीएस अधिकारी से जातिगत भेदभाव, हरिओम वाल्मीकि की प्रताड़ना, मुख्य न्यायाधीश पर हमला और उसको जायज़ ठहराने की भाजपाई सोच और भाजपा शासित राजस्थान के सवाई माधोपुर ज़िले में दलित बुजुर्ग महिला कमला देवी रैगर पर अत्याचार सभी ताज़ा घटनाएं सिर्फ़ अलग-अलग वारदातें नहीं हैं, बल्कि आरएसएसए भाजपा की सामंतवादी सोच का खतरनाक प्रदर्शन है।
उन्होंने कहा कि यह सिलसिला संविधान, सामाजिक न्याय और समानता के मूल सिद्धांतों पर सीधा हमला है। दलित, पिछड़े, आदिवासी और वंचित समाज को डराकर दबाने की यह राजनीति लोकतंत्र के लिए गम्भीर खतरा है। श्री खरगे ने कहा कि भारत संविधान से चलेगा न कि किसी कट्टर विचारधारा के फरमान से। दलित, आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक और कमज़ोर वर्ग इसका ख़ामियाज़ा भुगत रहे हैं और आप इन पर अपनी आंखे बंद कर अपने ही तमाशों में व्यस्त हैं।
