जाने कब मनाई जाएगी जन्माष्टमी
जन्माष्टमी का पावन पर्व भादो महीने के कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि के दिन मनाया जाता है। मान्यता कहती है कि मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म इसी रात्रि हुई थी। पूरे देश में कृष्ण जन्मोत्सव पूरे उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और संयम से कान्हा के बाल रूप की पूजा करते हैं। बताया जा रहा है कि इस महीने 18 तारीख को ध्रुव और वृद्धि योग बन रहा है। यह योग 18 की रात में 8-42 तक रहेगा। इसके बाद से ध्रुव योग का आरंभ होगा, यह योग 19 तारीख की रात 8-59 तक रहने वाला है। माना जाता है कि हिंदू धर्म में ये योग बेहद खास हैं। इस योग में किए गए कार्यों का परिणाम लाभदायक होता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बताया जा रहा है कि जन्माष्टमी 2022 का शुभ मुहूर्त 18 अगस्त को है। अष्टमी तिथि 18 अगस्त को शाम 9-20 से शुरू हो रही है और 19 अगस्त को रात 10-59 पर समाप्त होगी। निशीथ पूजा 18 अगस्त की रात 12-03 से लेकर 12-47 तक रहेगी। इसके अलावा निशीथ पूजा की कुल अवधि 44 मिनट तक होगी और पारण 19 अगस्त को सुबह 5-52 के बाद होगा।
इस बार पूजा की तिथि को लेकर काफी मतभेद देखने को मिल रहे हैं। कोई 18 तो कोई 19 अगस्त को पूजा करने की बात कह रहा है। लोगों का दावा है कि अष्टमी की रात 12 बजे श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था और यह योग 18 अगस्त को बन रहा है। वहीं, कुछ का कहना है कि 19 अगस्त को पूरे दिन अष्टमी तिथि रहेगी और इसी तिथि में सूर्योदय भी होगा। इसलिए जन्माष्टमी 19 अगस्त को मनानी चाहिए। हालांकि, धार्मिक दृष्टि से 18 अगस्त ही सही तारीख मानी जा रही है।
