आबकारी नीति सही थी, तो उसे वापस क्यों लिया : मनोज
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी सांसद मनोज तिवारी ने आबकारी नीति को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधते हुए कहा है कि अदालत के फैसले को सत्य की जीत बताने वाले आप के नेताओं को जनता को बताना चाहिए कि यदि शराब नीति सही थी तो उन्होंने उसे वापस क्यों लिया था।
श्री तिवारी ने शुक्रवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब से आप के नेताओं के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप साक्ष्य के साथ आये थे तब से यह बात सामने आती रही कि ये लोग साक्ष्य मिटाने में काफी विशेषज्ञ हैं और लगातार सिम कार्ड तथा फोन आदि नष्ट करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सच दिल्ली की सारी माताओं, बहनों को पता है जिनके बच्चों को शराबी बनाने की कोशिश की गयी, व्यापारियों को भी पता है जिनके साथ रिश्वत का खेल खेला गया। न्यायालय के फैसले को सच की जीत बताने वाले आप के नेताओं से दिल्ली वाले जानना चाहते हैं कि अगर यह शराब नीति सही थी तो इसको वापस क्यों लिया गया था।
दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष से लेकर सभी विधायक और भाजपा कार्यकर्ता भी इस बात को बार-बार कहते थे कि सबूतों से छेड़छाड़ की जा रही है और दिल्ली के लोगों ने तो उसकी सजा देते हुए श्री केजरीवाल को सत्ता से उखाड़ फेंका है। उन्होंने कहा कि उच्चतम अदालत ने श्री केजरीवाल की कई जमानत याचिकायें ठुकराते हुए उन्हें मुख्यमंत्री के तौर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से रोका था। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों को ऐसी सार्वजनिक नीति और प्रशासनिक मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही का अधिकार है। इसलिए श्री केजरीवाल को आबकारी नीति में अभी भी कई सवालों का जवाब दिल्लीवासियों को देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति के कारण सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और कुछ निजी ठेकेदारों को अनुचित लाभ मिला और आप के नेताओं तक सम्भवतः पिछले दरवाजे से पैसे पहुंचे।
उन्होंने कहा कि आप के नेतृत्व को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि नीति में कोई अनियमितता नहीं थी तो जांच शुरू होते ही इसे क्यों वापस लिया गया।श्री तिवारी ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह केवल कानूनी मुद्दा नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास का सवाल है। दिल्ली के लोग पूरी सच्चाई जानने के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि जब तक पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और जिम्मेदार लोगों को दंडित नहीं किया जाता भाजपा इस शराब घोटाले के मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाती रहेगी।
दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने इस मौके पर कहा कि भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के ढेरों हाथ-पांव होते हैं लेकिन साक्ष्य नष्ट करके आप कानून को ज्यादा देर तक भ्रमित नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता भलीभांति जानती है कि श्री केजरीवाल और श्री मनीष सिसोदिया ने कुछ अधिकारियों तथा शराब ठेकेदारों के साथ मिलकर एक बड़ा घोटाला किया और पहले दिन से यह स्पष्ट था कि सत्ता में रहने का लाभ उठाकर श्री केजरीवाल साक्ष्यों से खिलवाड़ करते हैं।
