सीएम हाउस जा रहे कोरोना वारियर्स को पुलिस ने खदेड़ा

रायपुर। प्रदेश के अलग-अलग जिलों के कोविड सेंटरए अस्पताल और जांच से जुड़ी लैब में काम करने वाले हेल्थ वर्कर्स अब बेरोजगार हैं। इन्हें फिलहाल काम से निकाल दिया गया है। पिछले कई दिनों से सभी रायपुर के धरना स्थल पर धरना दे रहे थे। इन कोरोना वॉरियर्स ने गुरुवार को अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर के वक्त प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर भीख मांगने लगे और कहा कि सरकार को हमें वेतन देने में फंड की कमी है। भीख से मिले रुपए हम उन्हें देंगे। शाम के वक्त सभी ने दंडवत यात्रा निकाली।
हाथ में नारियल लेकर प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट रहे थे और फिर अपनी हाइट जितनी दूरी पर नारियल रख रहे थे। ऐसा ही दोहराते हुए सभी मुख्यमंत्री आवास तक जाना चाहते थे। बीच रास्ते में ही पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। प्रदर्शनकारियों को जबरन पुलिस ने वापस लौटने को कहा। जो लेटकर आगे बढ़ रहे थे उन्हें उठा दिया गया। जबरदस्त धक्का-मुक्की में कुछ प्रदर्शनकारियों को चोटें भी आईं। इनमें अनीता राठौर की तबीयत बिगड़ने की वजह से उन्हें अस्पताल भेजना पड़ा। प्रदर्शनकारियों में सरिता तांडिया की भी तबीयत बिगड़ गई।
विदित हो कि क्रांतिकारी कोरोना योद्धा संघ के बैनर तले पिछले कई दिनों से रायपुर में धरना जारी है। कोविड-19 के संकट काल के दौरान अपनी सेवाएं अस्पताल, क्वॉरेंटाइन सेंटर और लैब में दे चुके युवाओं के सामने अब दो वक्त की रोटी का संकट है। प्रदेश में चल रहे अस्थाई सेंटर को बंद करने की वजह से इनका काम छिन गया। इसमें नर्स, वार्ड बॉय, लैब टेक्नीनिशियन जैसे करीब 3 हजार लोग हैं। संगठन के पदाधिकारी अजमत ने बताया कि रोजगार की मांग को लेकर जब उन्होंने सरकार के जिम्मेदार अफसरों और नेताओं से मुलाकात की तो इनसे कह दिया गया कि फंड की कमी की वजह से अब उन्हें कामपर नहीं रखा जा सकता। अब इनकी मांग है कि इन्हें नियमित तौर पर काम पर रखा जाए और समय पर वेतन दिया जाए।

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