सुल्तानगंज से निकलने लगा कांवरियों का जत्था

पटना। बिहार में कोरोना के मामले जहां तेजी से फिर एकबार बढ़ने लगे हैं वहीं दूसरी ओर श्रावणी मेला भी अब नजदीक आता जा रहा है। कांवरिया पथ पर कांवरियों का जत्था बोल-बम के जयकारे के साथ सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबाधाम की ओर निकलने लगे हैं। इस बार श्रावणी मेला दो साल के बाद लगा है तो कांवरियों की संख्या भी बढ़ने की संभावना है। कांवरियों की बढ़ी हुई तादाद के बीच कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकना इस बार बड़ा चैलेंज बन चुका है।
बिहार में कोरोना के मामले सबसे अधिक पटना में आ रहे हैं वहीं दूसरा सबसे संक्रमित जिला भागलपुर ही है जहां रोजाना कोरोना मरीज मिल रहे हैं। इस समय जिले में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 127 है। वहीं सुलतानगंज गंगा घाट से लेकर कांवरिया पथ पर संक्रमण से बचाव को लेकर विशेष तैयारी की जरुरत बतायी जा रही है। हालांकि प्रशासन इस मामले को लेकर चौकस है। अनुमान के तहत इस बार सुलतानगंज गंगा घाट पर रोजाना करीब 90 हजार से 1 लाख श्रद्धालु स्नान करेंगे। इस दौरान संक्रमण के खतरे को रोकना स्वास्थ्य महकमे व प्रशासन के लिए बड़ा चैलेंज बना है। अजगैवीनाथ मंदिर, रेलवे स्टेशन व विश्राम स्थल पर कांवरियों का हुजूम रोज देखने को मिलेगा। जहां मास्क के इस्तेमाल को फिर से आदत में शामिल करने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन इस बात को लेकर काफी सजग है कि जिस प्रकार से कोरोना के मामले में इजाफा हो रहा है तो ऐसे इंतजामात किए जाए कि स्थिति भयावह न हो। इसके लिए वह आवश्यक कार्रवाई में जुट गया है।
जिले में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए 14 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेला के दौरान कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराया जायेगा। सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा ने बताया कि सभी कांवरिया शिविरों में कोविड जांच व वैक्सीनेशन की सुविधा मिलेगी। श्रद्धालुओं के बीच कोविड गाइडलाइन के पालन को लेकर प्रचार-प्रसार किया जायेगा। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी उपाय किये जा रहे हैं।

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