कार्तिक कुमार ने दिया इस्तीफा, बतायी वजह
पटना। बिहार में सियासी संग्राम जारी है। आरोप-प्रत्यारोप को दौर रूकने का नाम नहीं ले रहा। इसी बीच महागठबंधन की सरकार बनके के मात्र 15वें दिन ही नीतीश कैबिनेट के एक मंत्री ने इस्तीफा दे दिया।
विदित हो कि राजद कोटे से विधि मंत्री बनते ही आरजेडी एमएलसी कार्तिक कुमार के उपर विपक्ष हमलावर हुआ था। कार्तिक कुमार एक अपहरण मामले में आरोपित हैं। विवाद बढ़ा तो मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनका विभाग बदल दिया और विधि विभाग के बदले गन्ना उद्योग विभाग की जिम्मेदारी सौंपी, लेकिन अगले ही दिन कार्तिक कुमार ने पद से इस्तीफा दे दिया। कार्तिक कुमार ने इस्तीफा देने की वजह को भी स्पष्ट किया हैण् वहीं बाहुबली नेता सह मोकामा के विधायक रहे अनंत सिंह से अपने जुड़ाव को भी सामने रखा।
कार्तिक ने भाजपा पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि आरजेडी कोटा से कोई भूमिहार जाति का मंत्री बने, ये भाजपा को पसंद नहीं आया और वो मीडिया ट्रायल लगातार करवा रहे थे। वो मुझपर तरह-तरह के आरोप लगाते रहे। कार्तिक कुमार ने अपने बारे में बताते हुए कहा कि मेरे पिता एक शिक्षक थे। मैं खुद 28 साल तक एक शिक्षक के रूप में काम करता रहा और जमीन से जुड़ा इंसान रहा। कार्तिक कुमार ने अनंत सिंह से अपना नाता बताया और कहा कि मोकामा मेरा घर है और अनंत सिंह वहां से विधायक रहे हैं। उनके बड़े भाई भी वहां से राजनीति किये और उनसे भी मेरा बढ़िया संबंध रहा। कार्तिक कुमार ने कहा कि अनंत सिंह से उनका राजनीतिक संबंध रहा है इसे नकारा नहीं जा सकता लेकिन इसे किस रूप में लोग दिखाना चाहते हैं पता नहीं। कार्तिक कुमार ने अपने उपर लगे आरोपों पर भी सफाई दी और खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि अपना पक्ष अदालत के माध्यम से वो रख रहे हैं और अदालत पर भरोसा है।
कार्तिक कुमार ने कहा कि हाल में जो माहौल बनाया गया इस दौरान अपनी, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव और राजद पार्टी की इज्जत की फिक्र करते हुए इस्तीफा देने का फैसला लिया। इज्जत धूमिल हो ऐसा वो कभी नहीं चाहेंगे। कार्तिक कुमार ने कहा कि जब वो तमाम आरोपों से बाहर निकलेंगे तो पार्टी जो जिम्मेदारी देगी वो संभालेंगे। मंत्रालय बदले जाने की नाराजगी को उन्होंने खारिज किया।
