बीमा भारती ने जदयू से नाता तोड़ा
पटना। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता की चुनावी हवा रातो.-रात बदल जाती है और शायद यही कारण है कि चुनाव के समय ही ज्यादातर राजनेता पार्टी बदल लेते हैं। बिहार में लोकसभा चुनाव से पहले विभिन्न पार्टियों के नेताओं का दल बदलने का दौर जारी है।
बताया जाता है कि शनिवार की दोपहर रमेश कुशवाहा और उनकी पत्नी विजयालक्ष्मी कुशवाहा राष्ट्रीय लोक मोर्चा से अलग होकर जेडीयू में शामिल हो गये, वहीं शाम होते-होते पूर्व मंत्री और वरिष्ठ जेडीयू नेता बीमा भारती ने नीतीश कुमार की पार्टी से नाता तोड़ते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा भी दे दिया। बीमा भारती के जदयू से दिए गए इस्तीफे को पार्टी हाइकमान ने मंजूर भी कर लिया है। इस घटना के बाद से बिहार की राजनति में फिर एक हलचल पैदा कर दी है। कुछ लोगो का मानना है कि बीमा भारती राजद मे शामिल होकर पूर्णिया से लोकसभा चुनाव भी लड़ सकती हैं। हालांकि, पूर्णिया लोकसभा सीट को लेकर माना जा रहा है कि राजद यह सीट कांग्रेस के लिए छोड़ेगी। हाल ही में पूर्व सांसद पप्पू यादव ने अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में कर लिया हैऔर पूर्णिया लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का संकेत दिया है।
विदित हो कि बीमा भारती पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र के रूपौली विधानसभा से जेडीयू के टिकट पर विधायक हैं। वह साल 2000 में पहली बार विधायक बनीं। इस चुनाव में वो निर्दलीय उम्मीदवार खड़ी हुईं थी। इसके बाद उन्होंने 2005 का विधानसभा चुनाव राजद के टिकट पर लड़ा। इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद अक्टूबर 2005 में हुए मध्यावधि चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की और फिर जेडीयू में शामिल हो गईं।
