तेजस्वी चुनाव का बहिष्कार करके दिखाएं : प्रशांत
सुपौल। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव के विधानसभा चुनाव बहिष्कार वाले बयान के बाद उनको आड़े हाथो लेते हुए कहा है कि श्री यादव निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं, उनकी इच्छा बहिष्कार की है तो कर के दिखायें।
श्री किशोर ने यहां संवाददाताओ को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में नेता और दल अपना विचार रखने और निर्णय लेने के लिये स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष को लगता है कि उन्हें और उनकी पार्टी को बिहार विधान सभा चुनाव का बहिष्कार करना चाहिए तो वो निर्णय लें और अमल कर के दिखायें। श्री किशोर ने अपनी बिहार बदलाव यात्रा के क्रम में एक जनसभा को संबोधित करते हुये कहा कि बिहार के 94 लाख गरीब परिवारों के साथ धोखा हुआ है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव जब सरकार में थे तब नीतीश कुमार ने सभी गरीब परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही थी जो अभी तक नहीं मिला। 20 साल से कह रहे हैं कि दलित, अतिपिछड़ा समाज को घर बनाने के लिए तीन डिसमिल जमीन देंगे लेकिन आज तक सिर्फ सवा लाख परिवारों को ही इसका लाभ मिल सका है। प्रदेश में जमीन के दाख़िल खारिज में लूट मची है और भ्रष्टाचार चरम पर है। इसी के विरोध में जनसुराज पार्टी आवाज उठा रही हैं।
प्रशांत किशोर ने से जब बिहार विधानसभा में विधायकों के बीच मारपीट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जनता यदि विधानसभा में गुंडा, बदमाश, शराब और बालू माफिया को जीताकर भेजेगी तो संवाद तो होगा नहीं। बिहार की जनता ने देखा है कि पक्ष हो या विपक्ष, मारपीट और गाली-गलौज की संस्कृति बिहार की राजनीति में विकसित हो गयी है। जन सुराज इसी व्यवस्था को हटाने के लिए प्रयासरत है।
