भारत, मंगोलिया के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली। मंगोलिया के राष्ट्रपति उख्नागिन खुरेलसुख के चार दिवसीय नई दिल्ली दौरे के दूसरे दिन भारत और मंगोलिया के बीच सात महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए,  जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलेगी। यह दौरा दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों के 70 वर्ष और सामरिक भागीदारी के 10 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि छह वर्षों के बाद मंगोलिया के राष्ट्रपति का यह दौरा विशेष अवसर है। हमारा संबंध आत्मीय और आध्यात्मिक है। बौद्ध धर्म के सूत्र में बंधे दोनों देशों को “आध्यात्मिक शिवलिंग”  भी कहा जाता है।
वार्ता के दौरान कला, संस्कृति और खेल के क्षेत्र में सहयोग,  डिजिटल प्रौद्योगिकी, सहकारिता, इमिग्रेशन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मानवीय सहायता एवं सहयोग तथा ग्रांट असिस्टेंस पर समझौते साइन किए गए। इनमें मंगोलिया के नागरिकों को भारत का मुफ्त ई-वीजा और अगले वर्ष भगवान बुद्ध के दो शिष्यों के पवित्र अवशेषों को भारत से मंगोलिया भेजने का प्रावधान भी शामिल है। मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हम करीबी साझेदार हैं। हम मुक्त, खुला और नियम.आधारित इंडो.पैसिफिक क्षेत्र का समर्थन करते हैं।
समझौते में रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। पिछले एक दशक में सामरिक संबंधों में नया आयाम आया है। भारत मंगोलिया के सीमा सुरक्षा बलों के लिए नए क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू करेगा। खुरेलसुख ने अपनी स्वर्गीय मां के नाम एक वटवृक्ष लगाकर मुलाकात शुरू की जो दोनों देशों की सांस्कृतिक निकटता का प्रतीक बना। दोनों नेताओं ने कूटनीतिक संबंधों पर साझा डाक टिकट जारी किया।आर्थिक मोर्चे पर भारत ने रिफाइनरी परियोजना के लिए 1.7 बिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट की घोषणा की, जो दुनिया का सबसे बड़ा विकास साझेदारी प्रोजेक्ट है।

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