उग्रवादी के एनकाउंटर पर मेघालय में हिंसा
शिलांग। मेघालय में उग्रवादी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद हिंसा का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के घर पेट्रोल बम फेंके गए हैं। घटना रविवार की है, हालांकि इसमें कोई घायल नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि हमले के वक्त मुख्यमंत्री आवास खाली थी। हिंसा रविवार को शुरू हुई। असम के एक वाहन पर भी हमला किया गया है। इसमें ड्राइवर गंभीर रूप से घायल है। कई इलाकों में पथराव और आगजनी की घटनाएं हुई हैं। इसके बाद शिलॉन्ग में 2 दिन कर्फ्यू लगा दिया गया है। राज्य के कई इलाकों में इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। ईस्टए वेस्ट और साउथ खासी हिल्स और री.भोई में इंटरनेट 48 घंटों के लिए बंद कर दिया गया है। पुलिस ने कहा है कि फिलहाल असम के लोग शिलॉन्ग न जाएं।
बताया जाता है कि 13 अगस्त को चेस्टरफील्ड थांगखियु नाम के उग्रवादी ने समर्पण कर दिया थाए लेकिन पुलिस ने उसे एनकाउंटर में मार दिया। पुलिस का कहना था कि 2018 में ब्लास्ट की साजिश इसी उग्रवादी ने रची थी। थांगखियु का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। इसी के बाद हिंसा शुरू हो गई। हिंसा के बाद पुलिस ने एडवाजयरी भी जारी की है। अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट न डालें, जिससे हालात और ज्यादा भड़कें।
इस बीच मेघालय के गृह मंत्री लहकमन रिम्बुई ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफा उग्रवादी के एनकाउंटर के विरोध में दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे इस्तीफे में लिखा है कि थांगखियु के घर पुलिस ने छापा मारा और उसके बाद एनकाउंटर में उसे मार दिया। इस दौरान पुलिस ने अपने उसूलों की सीमा लांघ दी। इस घटना से मैं आश्चर्यचकित हूं। इस घटना की स्वतंत्र और न्यायिक जांच की जानी चाहिए।
