पटना में आतंकियों के बड़े नेटवर्क का खुलासा
पीएफआई, एसडीपीआई से संबंध
पटना। पटना में आतंकियों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है और अब तक इसमें 3 आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनकी निशानदेही पर 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। इन सभी से पूछताछ में पता चला है कि 12 जुलाई को यहां आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ये हमला करना चाहते थे। इसके लिए उन्हें 15 दिन से ट्रेनिंग दी जा रही थी। गिरफ्तार आतंकी बीजेपी नेता नूपुर शर्मा की तरह इस्लाम के खिलाफ बयानबाजी करने वालों को मारना चाहते थे। उनके नामों की लिस्ट भी तैयार थी।
बताया जाता है कि प्रधानमंत्री के दौरे से एक दिन पहले 11 जुलाई की शाम को इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट पर पुलिस ने नया टोला में छापेमारी कर मोहम्मद जलालुद्दीन और गुलिस्तां मोहल्ला से अतहर परवेज को गिरफ्तार किया था। इनकी निशानदेही पर पटना के फुलवारी शरीफ से अरमान मलिक को गिरफ्तार किया गया। जलालुद्दीन के बारे में बताया जाता है कि वह झारखंड पुलिस का रिटायर्ड दरोगा है। अतहर के अलग-अलग बैंकों में तीन अकाउंट हैं। इनमें 83 लाख रुपए जमा हैं। पुलिस का कहना है कि तीनों अकाउंट्स को फ्रीज कराया जाएगा। अब इन्हें फंडिंग करने वालों की जांच करेगी। बाद में हिरासत में लिए गए तीन संदिग्धों के नामों का अभी खुलासा नहीं किया गया है।
फुलवारी शरीफ के एएसपी मनीष कुमार ने बताया कि आतंकियों के पास से इंडिया 2047 नाम का 7 पेज का डॉक्यूमेंट भी मिला है। इसमें दर्ज प्लान पर काम करते हुए ये अगले 25 साल में भारत को मुस्लिम राष्ट्र बनाना चाहते थे। इसी टारगेट को पूरा करने के लिए मुस्लिम युवाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। आतंकियों ने पटना के फुलवारी शरीफ के अहमद पैलेस की दूसरी मंजिल को ट्रेनिंग सेंटर बनाया था। इसमें बिहार से बाहर के लोग भी आ रहे थे। अतहर ने पुलिस को बताया कि इस मुहिम में 26 लोग शामिल थे। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सभी पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया से भी जुड़े थे।
