बिहार के पूर्व मंत्री रमई राम का निधन
पटना। बिहार के पूर्व मंत्री रमई राम का निधन 81 साल की उम्र में हो गया। उनका इलाज पटना के जयप्रभा मेदांता हॉस्पिटल में दो दिनों से चल रहा था। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। गुरुवार को अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांसे ली। नौ बार विधायक रह चुके रमई राम लालू प्रसाद और नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। बोचहा से कई बार विधायक रहे हैं। रमई राम के निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
उनके निधन की जानकारी खुद तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर दी। वरिष्ठ समाजवादी नेता, पूर्व मंत्री और 9 बार विधायक रहे आदरणीय रमई राम जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। वो एक कर्मठ और समर्पित राजनेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता थे। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिवार को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करेण् ॐ शांति ॐ।
विदित हो कि बोचहां को रमई राम का गढ़ कहा जाता है। इस सीट से 9 बार विधायक और 5 बार सरकार में मंत्री पद संभाल चुके रमई राम बोचहां सीट से तीन बार राजद के टिकट, एक बार जदयू के टिकट, दो बार जनता दल के टिकट और इसके अलावा तीन अन्य दलों के प्रत्याशी के रूप में विधायकी का चुनाव जीत चुके हैं। इसके साथ ही वह 5 बार बिहार में मंत्री भी रहे। साल 2015 और 2020 में लगातार दो बार उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। रमई राम को पहली बार 2015 में निर्दलीय बेबी कुमारी ने हराया था। वैसे 2020 में भी वीआईपी के मुसाफिर पासवान ने राष्ट्रीय जनता दल के रमई राम को 11 हजार से ज्यादा के मत अंतर से हराया था। 2015 में यहां निर्दलीय प्रत्याशी बेबी कुमारी ने इन्हें सियासी पटखनी दी तो वहीं 2020 में विकासशील इंसान पार्टी के मुसाफिर पासवान के हाथों उन्हें हार झेलनी पड़ी।
