फिलहाल जेल में ही रहेंगे लालू

रांची। चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को फिलहाल अभी जेल में ही रहना होगा। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने लालू प्रसाद को जमानत देने से इन्कार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि लालू की सजा की आधी अवधि पूरी करने में एक माह 28 दिन कम हैं। ऐसे में उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती है।इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत से लालू की जमानत पर सुनवाई के लिए दो माह बाद की तिथि निर्धारित करने की मांग कीय लेकिन सीबीआइ ने इसका जोरदार विरोध करते हुए कहा कि उन्हें पहले ही समय की मांग करनी चाहिए थी। अब जब बहस पूरी होने के बाद अदालत फैसला सुनाने जा रही है तो ऐसा नहीं किया जा सकता है। इसके बाद अदालत ने लालू की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
इधर लालू के अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल नहीं की जाएगी। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद और सीबीआइ की ओर से उनकी कस्टडी से संबंधित निचली अदालत के सत्यापित आदेश की प्रति कोर्ट में जमा की गई। लालू की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता कपिल सिब्बल व अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने अदालत को बताया कि उनके अनुसार लालू प्रसाद ने अब तक 42 माह 11 दिन जेल में बिताएं है जो सजा की आधी अवधि से ज्यादा है।ऐसे में आधी सजा पूरी करने, बढ़ती उम्र और कई तरह की बीमारियों को देखते हुए लालू प्रसाद को जमानत की सुविधा मिलनी चाहिए। कपिल सिब्बल की ओर से यह भी कहा गया कि इससे पहले हाई कोर्ट ने आरके राणा, जगदीश शर्मा, दयानंद कश्यप और सुनील गांधी को आधी सजा पूरी नहीं करने पर भी जमानत दी है इसलिए लालू के मामले में भी अदालत को जमानत देने पर विचार करना चाहिए।
