नाइजीरिया दौरा समाप्त कर ब्राजील के लिए रवाना हुए मोदी

अबुजा/ नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को नाइजीरिया का दौरा समाप्त कर जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अबुजा से ब्राजील के रियो डी जेनेरियो के लिए रवाना हो गये। श्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि एक सफल यात्रा के लिए नाइजीरिया को धन्यवाद। यह यात्रा भारत.नाइजीरिया मित्रता को मजबूती और उत्साह प्रदान करेगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाइजीरिया के अबुजा में सफल यात्रा का समापन किया। अगला पड़ाव रियो डी जेनेरियो है। इससे पहले विदेश मंत्रालय में सचिव ईआर दम्मू रवि ने नाइजीरियाई राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू के साथ प्रधानमंत्री की वार्ता के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि नाइजीरियाई फार्मा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भारतीय निवेश चार अरब डॉलर का है, जिसमें अबुजा और लागोस में एक नेत्र अस्पताल शामिल है जबकि अबुजा में भारतीय संचालित एक 300 बिस्तरों वाला अस्पताल बनने वाला है।
उन्होंने कहा कि नाइजीरिया में 200 से अधिक भारतीय कंपनियां हैं जिनका निवेश 27 अरब डॉलर से अधिक है। श्री रवि ने कहा कि नए 300 बिस्तरों वाले अस्पताल में भारत से आए डॉक्टर और तकनीक विशेषज्ञ होंगे। उन्होंने कहा कि नाइजीरिया में भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में बहुत अधिक गतिविधि है। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा लाए गए कुछ स्थानीय समाधानों को नाइजीरिया में आगे बढ़ाया जा सकता है खासकर डिजिटल क्षेत्र और ऊर्जा क्षेत्र। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लिए आगे आने की काफी गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि कृषि,  खाद्य सुरक्षा, बीज आपूर्ति, मशीनीकरण,  अनुसंधान एवं विकास, भंडारण एवं वितरण, दालों के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सहयोग की गुंजाइश है।
उन्होंने कहा कि हम विशेषज्ञ स्तर पर इन विचारों पर काम करेंगे और भारतीय उद्यमियों को आगे आने का अवसर प्रदान करेंगे। श्री रवि ने कहा कि दोनों पक्षों ने जलवायु प्रतिरोधी बीजों,  खनन,  सुक्ष्म लघु एवं मध्य उद्यम (एमएसएमई),  कौशल विकास, उद्यमशीलता विकास के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि ऊर्जा सहयोग के क्षेत्र में तेल और गैस पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ भारतीय कंपनियां सीएनजी पर काम कर रही हैं और कारों तथा वाहनों में इस्तेमाल के लिए सीएनजी किट लगा रही हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम (आईटीईसी) में सहयोग जारी है और क्षमता निर्माण तथा उपकरणों की खरीद पर काफी काम किया जा रहा है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.