कर्ज की जाल से निकलने लगा है श्री लंका : आईएमएफ

कोलंबो। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मौद्रिक एवं पूंजी बाजार विभाग के निदेशक टोबियास एड्रियन ने कहा है कि श्रीलंका धीरे-धीरे कर्ज के जाल से उबरने लगा है और विकास एवं विश्वास बहाली की राह पर चल पड़ा है।
श्री एड्रियन ने वैश्विक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट 2025 के अनावरण के अवसर पर आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान यह टिप्पणी की। विभाग के सहायक निदेशक जेसन वू ने कहा कि वे श्रीलंका के प्रदर्शन से प्रसन्न हैं, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि अनुकूल माहौल के कारण आत्मसंतुष्टि नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीलंका जैसे बाजारों में कमजोर डॉलर ने बाहरी दबाव को कम किया है। इसलिए इन अर्थव्यवस्थाओं को चालू खाते और राजकोषीय बफर के मामले में जरूरी सुधारों को जारी रखने की जरूरत है। पिछले हफ़्ते ही आईएमएफ और श्रीलंकाई अधिकारियों ने श्रीलंका को दिए जा रहे कर्ज सुविधा के शर्तों के तहत सुधार कार्यक्रम की पाँचवीं समीक्षा को पूरा करने के लिए आर्थिक नीतियों पर एक समझौता किया।
आईएमएफ ने एक बयान में कहा कि आईएमएफ कार्यकारी बोर्ड द्वारा समीक्षा को मंजूरी मिलने के बाद श्रीलंका को लगभग 347 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्राप्त होगा। मार्च 2023 में आईएमएफ ने श्रीलंका के आर्थिक सुधारों का समर्थन करने के लिए लगभग 3 बिलियन डॉलर की कर्ज की मंजूरी दी थी।

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