महिलाओं के लिए वरदान है मेथी का सेवन
मेथी जो कि भारतीय रसोई का एक अभिन्न हिस्सा है। मेथी के बीज और पत्ते दोनों की प्रयोग तमाम तरह के व्यंजनों को तैयार करने में किया जाता है। सब्जियों में मेथी के एड होने से स्वाद तो बढ़ता ही है साथ ही इसके हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं। मेथी के बीजों, पत्तियों और जड़ों का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है।
आयुर्वेद में मेथी का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। मेथी के दाने कई तरह के ऐंटीऑक्सिडेंट्स, विटमिन्स और मिनरल्स से भरपूर होते हैं इसलिए इनका इस्तेमाल वैकल्पिक चिकित्सा में भी किया जाता है। मेथी के दानों से कॉलेस्ट्रॉल कंट्रोल होता है। हृदय रोगों से बचाव करता है।एनसीबीआई के एक अध्ययन के अनुसार, मेथी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, एंटीरिंकल और माइस्चरॉइजिंग गुण स्किन के लिए लाभदायक होते हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए सबसे पौष्टिक बताई जाती है।
मेथी हड्डियों को मजबूत रखने वाली एक जड़ीबूटी है। रजोनिवृत्ति वो दौर है जब महिलाओं का पीरियड आना बंद हो जाता है। इसके बाद अधिकतर महिलाएं कमजोर हड्डियों और जोड़ों के दर्द से पीड़ित होती हैं। ऐसे में वे मेथी का सेवन करें तो उनकी ये समस्याएं कम हो सकती हैं। मेथी एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती है। यह हड्डियों को मजबूत करने और सूजन के कारण उत्पन्न जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करती है। कसूरी मेथी में फाइटोएस्ट्रोजन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो मेनोपॉज के दौरान हो रहे हार्मोनल चेंज को कंट्रोल करता है। मेथी के बीज और पत्ते दोनों ही वजन घटाने में मददगार हैं। इसके सेवन से आपको बार-बार भूख नहीं लगती है और इस वजह से आप अतिरिक्त कैलोरी लेने से बच जाते हैं क्योंकि मेथी में फाइबर होता है जिससे आपका पेट काफी टाइम तक भरा रहता है। इस तरह से वेट लॉस में भी मदद करती है। इसलिए जो महिलाएं अपना वजन कम करना चाहती हैं वे अपनी हर रोज अपने आहार में मेथी को शामिल कर सकती हैं। मेथी महिलाओं में स्वाभाविक रूप से टेस्टोस्टेरोन के लेवल को बढ़ाती है। इसके बढ़ने से महिलाओं के सेक्सुल फंक्शन्स भी बूस्ट होते हैं। बता दें कि टेस्टोस्टेरॉन एंड्रोजन समूह का एक स्टीरॉएड हार्मोन है। जब शरीर में टेस्टोस्टेरोन की कमी होने लगती है तो आमतौर पर महिलाओं को थकान और सुस्ती महसूस होने लगती है।
