प. बगाल में संदेशखाली को लेकर राजनीकि तापमान चढा
कोलकाता। संदेशखाली मुद्दे पर ममता सरकार और भाजपा क बीच मुद्दा गरमा गया है। एक ओर जहां शनिवार को सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो को लकर टीएमसी नेताओं ने इसे भाजपा की सोची समझी साजिश बताया है वहीं भाजपा न इस आरोप को सिरे से खारिज किया है। बताया जाता है कि कथित वीडियो में संदेशखाली में बीजेपी के मंडल अध्यक्ष होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति को यह कहते सुना जा सकता है कि पूरी साजिश के पीछे पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी का हाथ है। वीडियो में बीजेपी नेता को स्वीकार करते हुए दिखाया गया है कि संदेशखाली में कोई बलात्कार या यौन उत्पीड़न नहीं हुआ था। महिलाओं को पार्टी के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर ऐसी शिकायतें दर्ज करने के लिए राजी किया गया था। हालांकि बीजेपी ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
उधर पश्चिम बंगाल के चौबीस परगना जिले के संदेशखाली कांड के मास्टर माइंड पूर्व टीएमसी नेता शेख शाहजहां के जेल की सलाखों में जाने के बाद उसके कुनबे के काले.कारनामे की पोल खुलने लगी है। उसके करीबी रिश्तेदार शेख अबू तालिब मौला के घर सीबीआई की छापेमारी में हथियारों का जो बड़ा जखीरा बरामद किया गया उसके तार भागलपुर.बिहार के हथियार तस्करों से जुड़ रहे हैं। प्रारंभिक पड़ताल में यह बात सामने आने लगी है कि अबू तालिब मौला संदेशखाली कांड के मास्टर माइंड पूर्व टीएमसी नेता शेख शाहजहां के संरक्षण में बाकायदा एक गिरोह संचालित कर रहा था। गिरोह के लड़ाकों के लिए हथियारों.गोला.बारूद भी बड़े पैमाने पर जमा कर रखा था। जांच में यह बात सामने आ रही है कि उसके घर से 26 अप्रैल 2024 को छापेमारी के क्रम में सीबीआइ के अधिकारियों ने जो हथियारों का जखीरा बरामद किया है उसकी आपूर्ति उसने भागलपुर.मुंगेर में अपने संपर्क के तस्करों से कराया था।
जांच एजेंसी के अधिकारियों का दल मौला के घर बड़ी संख्या में हथियारों की बरामदगी के बाद से केंद्रीय बलों और एनएसजी के सहयोग से तलाशी अभियान चला रही है। अभियान में अन्य जगहों पर भी हथियार और गोला.बारूद मिल रहे हैं।जांच एजेंसी को हालांकि राज्य की पुलिस इकाई या एसटीएफ से सहयोग नहीं मिलने की बात कही जा रही है। अबतक के मिले रिकॉर्ड के आधार पर जांच एजेंसी के अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल में हथियारों की आमद को लेकर जो पड़ताल कर हथियार तस्करों की जो कुंडली तैयार की है उसमें शाहजहां शेख और उसके कई करीबी रिश्तेदारों और टीएमसी नेताओं के तार जुड़ने की बात कही जा रही है।
