जानिए दिल्ली के अब तक केे मुख्यमंत्रियों के बारे में
नई दिल्ली। दिल्ली में अभी तक अलग-अलग राजनीतिक दलों के आठ नेता मुख्यमंत्री के पद पर आसीन रहे हैं। दिल्ली विधानसभा की नांगलोई सीट के विधायक चौधरी ब्रहमप्रकाश 17 मार्च 1952 से 12 फरवरी 1955 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे। दरियागंज विधानसभा सीट के विधायक गुरूमुख निहाल सिंह 12 फरवरी 1955 से एक नवंबर 1956 तक मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 1956 से 1993 तक राष्ट्पति शासन रहा। मोतीनगर सीट के विधायक मदन लाल खुराना दो दिसंबर 1993 से 26 जनवरी 1996 तक मुख्यमंत्री रहे। शालीमार विधानसभा के विधायक साहिब सिंह वर्मा 26 फरवरी 1996 से 12 अक्टूबर 1998 तक मुख्यमंत्री रहे। भाजपा की तेज तर्रार नेता श्रीमती सुषमा स्वराज 12 अक्टूबर 1998 से लेकर 03 दिसंबर 1998 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता तथा दिल्ली विधानसभा की नई दिल्ली विधानसभा सीट से विधायक रहने वाली श्रीमती शीला दीक्षित लगातार 15 साल 25 दिन तक मुख्यमंत्री रही थीं। श्रीमती दीक्षित 03 दिसंबर 1998 से लेकर 28 दिसंबर 2013 तक मुख्यमंत्री रही थीं। नई दिल्ली विधानसभा सीट से विधायक बनने वाले अरविंद केजरीवाल 28 दिसंबर 2013 से 14 फरवरी 2014 तक मुख्यमंत्री रहे। फिर 14 फरवरी 2015 से 21 सितंबर 2024 तक केजरीवाल मुख्यमंत्री रहे किंतु शराब धौटाले में नाम आने के कारण इन्हें मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देना पडा और आतिशी मार्लेना को मुख्यमंत्री बनाया गया। कालकाजी विधानसभा सीट से विधायक सुश्री आतिशी मार्लेना 21 सितंबर 2024 से दिल्ली की मुख्यमंत्री है।
विदित हो कि वर्ष 1952 में पहली बार दिल्ली विधानसभा का गठन किया गया था। यह गठन राज्य सरकार अधिनियम 1951 के तहत किया गया था। बाद में एक अक्टूबर 1956 को दिल्ली विधानसभा को समाप्त कर दिया गया था। वर्ष 1966 में दिल्ली की शासन व्यवस्था चलाने के लिए महानगर परिषद का गठन किया गया था। दिल्ली महानगर परिषद में 56 निर्वाचित तथा पांच मनोनीत सदस्य थे। महानगर परिषद के पास कानून बनाने का कोई अधिकार नहीं था। उसकी भूमिका केवल सलाहकार की भूमिका थी। इसी दौरान वर्ष 1991 में संसद में 69वां संविधान संशोधन अधिनियम लाकर दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अधिनियम 1991 के तहत दिल्ली विधानसभा का गठन किया गया। इसी के साथ दिल्ली विधानसभा के गठन तथा दिल्ली की सरकार बनने का सिलसिला शुरू हुआ।
