इंग्लैंड ने भारत को 22 रनों से हराया
लॉर्ड्स। जोफ्रा आर्चर और बेन स्टोक्स (तीन-तीन विकेट) ब्राइडन कार्स (दो विकेट) तथा क्रिस वोक्स और बशीर अहमद (एक-एकविकेट) की बदौलत इंग्लैंड ने तीसरे टेस्ट के पांचवें दिन रोमांचक मुकाबले में भारत को 22 रनों से हराया।
इससे पहले रवींद्र जडेजा (नाबाद 61) की साहसिक अर्धशतकीय पारी और पिछल्लु बल्लेबाजों जुझारूपन की बदौलत भारत ने इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण की धार पर अंकुश लगाते हुए चायकाल तक भारत को मैच में बनाये रखा। चायकाल के बाद भी रोमांचक मुकाबला जारी था। एक ओर जहां भारत के मैच जीतने की कल्पना की जा रही थी वहीं एक बार के लिए ड्रॉ के बारे में भी सोचा जा रहा था लेकिन मैच इस तरह से समाप्त होगा ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था। बशीर की ऑफ ब्रेक गेंद को सिराज ने बैकफुट जाकर डिफेंस किया । डिफेंस अच्छा था लेकिन गेंद जमीन पर गिरने के बाद बैक स्पिन हुई और विकेट पर जाकर लग गई। सिराज सिर झुकाए क्रीज के पास ही खड़े रहे। भाग्य का अदभुत सहारा बशीर और इंग्लैंड को मिला।
भारत ने यहां 58 रन पर चार विकेट से आगे खेलना शुरु किया। सुबह जोफ्रा आर्चर ने ऋषभ पंत (नौ) को बोल्डकर भारत को पांचवां झटका दिया। इसके बाद बेन स्टोक्स ने के एल राहुल (39) को पगबाधा कर भारत के मैच जीतने की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। सातवां विकेट वॉशिंगटन सुंदर (शून्य) को आर्चर ने अपनी ही गेंद पर कैच आउटकर पवेलियन भेज दिया। भारत ने भोजनकाल के समय तक आठ विकेट पर 112 रन बना लिये थे और उसे अभी जीत के लिए 81 रनों की जरुरत थी। उसके पास मात्र दो विकेट शेष थे। एक समय केएल राहुल के आउट होने के बाद रवींद्र जडेजा और नीतीश कुमार रेड्डी की संर्घषपूर्ण बल्लेबाजी का मुजाहिरा करते हुए भारत के मैच जीतने की उम्मीद को जिंदा रखा था लेकिन लंच से ठीक पहले क्रिस बोक्स ने नीतीश कुमार रेड्डी (13) को विकेटकीपर स्मिथ के हाथों कैच आउट कराकर भारत की उम्मीदों को झटका दिया। भोजनकाल के बाद बल्लेबाजी करने आये जसप्रीत बुमराह ने जहां इंग्लैंड के गेंदबाजों को खूब छकाया वहीं रवींद्र जडेजा इस दौरान स्कोर में इजाफा करते रहे। बुमराह ने 54 गेंदों का सामना करते हुए एक चौके की मदद से पांच रन बनाये। ऐसा लगने लगा था कि ये दोनो बल्लेबाज भारत को जीत दिला देंगे। इस दौरान रवींद्र जडेजा ने अपना अर्धशतक पूरा किया। 62वें ओवर में बेन स्टोक्स ने जसप्रीत बुमराह को आउटकर एक बार फिर भारत की उम्मीदों को झटका दिया। भारत ने मैच में स्वयं को बनाये रखा और उसे जीत के लिए 30 रनों की दरकार थी। इंग्लैंड ने 74.5 ओवर में भारत को 170 के स्कोर पर ढ़ेर कर मुकाबला 22 रनों से जीत लिया। रवींद्र जडेजा ने 181 गेंदों में (नाबाद 61) बनाये।
