बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं : विजय चौधरी
पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सोमवार को कहा है कि राज्य में गंगा का जलस्तर इस बार असाधारण रूप से बढ़ा है और बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है।श्री चौधरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की वजह से इस बार की विपदा पहले पिछले कुछ वर्षों की समस्याओं से अलग है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार के कोसी और उससे जुड़े इलाकों में नेपाल की उफनती नदियों के पानी छोड़ने से बाढ़ आती थी, लेकिन इस बार उसकी प्रकृति अलग है। उन्होंने कहा कि इस बार नेपाल में ग्लेशियर फटने की वजह से तबाही हुई है और इसकी तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि वहां लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पहले बिहार की दूसरी नदियों में पहले बाढ़ आती थी और गंगा बाद में खतरे के निशान से उपर जाती थी, लेकिन इस बार गंगा में ही पहले पानी का स्तर सबसे पहले बढ़ गया।
श्री चौधरी ने कहा कि इस बार भागलपुर और उसके आसपास के इलाकों में नदियों ने अपनी धारा परिवर्तित करने की कोशिश की है, जिसे नियंत्रित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने उस क्षेत्र में बाढ़ प्रबंधन में लगे अधिकारियों की तारीफ की जिन्होंने समस्या को पहचाना और स्थिति पर पूरी मुस्तैदी के साथ स्थिति पर नजर रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। श्री चौधरी ने कहा कि जल संसाधन विभाग की सोमवार दोपहर दो बजे की रिपोर्ट के अनुसार गंगा समेत राज्य की कई प्रमुख नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा का जलस्तर मुंगेर, भागलपुर, कहलगांव और फरक्का में लगातार बढ़ रहा है जबकि पटना के दीघा, गांधी घाट और हथीदह में जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटों में नीचे उतरा है और आगे भी इसके नीचे जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि गंगा जिन रास्तों से चलकर पटना आती है उनमे प्रयागराज और वाराणसी में भी जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है जो एक शुभ संकेत है।
