शिबू सोरेन को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत
लोकपाल में चल रही सुनवाई पर लगी रोक
नई दिल्ली। झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोरेन के खिलाफ लोकपाल में चल रही आय से अधिक संपत्ति के मामले की सुनवाई पर सोमवार को रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट कपिल ने दिल्ली हाईकोर्ट में शिबू सोरेन का पक्ष रखा। दिल्ली हाईकोर्ट के माननीय जस्टिस यशवंत वर्मा की अदालत में अब इस केस की सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। झामुमो सुप्रीमो ने लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम 2013 के प्रावधानों के तहत लोकपाल की ओर से शुरू की गयी कार्यवाही को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। शिबू सोरेन ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि उनके खिलाफ की गयी शिकायत झूठी है। साथ ही कहा कि लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम 2013 की धारा 53 में कथित अपराध के सात वर्ष बीत जाने के बाद किसी भी शिकायत की जांच करने का अधिगार लोकपाल को नहीं है। याचिका में कहा गया है कि शिकायत की तारीख से प्रारंभिक जांच पूरी करने के लिए 180 दिन की अधिकतम अवधि 1 फरवरी 2021 को पूरी हो गयी है।
विदित हो कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत के आधार पर लोकपाल ने शिबू सोरेन के खिलाफ कार्यवाही शुरू की थी। लोकपाल ने 5 अगस्त 2020 को सुनवाई शुरू की। मामले की जांच का जिम्मा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपा गया। दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में झामुमो सुप्रीमो ने कहा कि इस आदेश की प्रति उन्हें नहीं दी गयी थी।
