बाढ़ प्रभावितों को आनुग्रहिक राहत राशि के भुगतान का शुभारम्भ
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को वर्ष 2025 में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाता में 7000 रूपये प्रति परिवार की दर से आनुग्रहिक राहत की राशि के भुगतान का शुभारम्भ किया।
12 जिलों के 06 लाख 51 हजार 602 प्रभावित परिवारों को 7000 रुपये प्रति परिवार की दर से 456 करोड़ 12 लाख रुपये का भुगतान किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 13 अगस्त को बाढ़ प्रभावित जिलों के साथ समीक्षा बैठक की थी और 14 अगस्त को पटना, वैशाली, बेगूसराय एवं मुंगेर जिलों के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाने का निदेश दिया था। साथ ही 20 अगस्त 2025 तक बाढ़ प्रभावित परिवारों को आनुग्रहिक राहत की राशि का भुगतान शुरू करने का भी निर्देश दिया था। उन्होंने बताया कि उन्हें खुशी है कि आज 12 जिलों के 6 लाख 51 हजार 602 प्रभावित परिवारों को 7000 रुपये प्रति परिवार की दर से 456 करोड़ 12 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। राज्य के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला अधिकार है।
कार्यक्रम के दौरान विकास आयुक्त सह आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जानकारी देते हुए बताया कि अगस्त माह में गंगा नदी के जलस्तर में अत्यधिक वृद्धि के कारण गंगा के किनारे स्थित 11 जिलों यथा. भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेरए, खगड़िया, भागलपुर एवं कटिहार में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। उन्होंने बताया कि इससे पहले पड़ोसी राज्य में भारी वर्षा के कारण नालन्दा जिले के चार प्रखण्डों के आठ पंचायतों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी । इस प्रकार कुल 12 जिलों के 66 प्रखण्डों में लगभग 38 लाख आबादी बाढ़ प्रभावित हुई है। सचिव ने बताया कि बाढ़ के दौरान अब तक 2.19 लाख पॉलीथीन शीट्स तथा 57 हजार 639 ड्राई राशन पैकेट वितरित की गई । उन्होंने बताया कि 14 बाढ़ राहत शिविर चलाए जा रहे हैं जिसमें लगभग 15 हजार लोग रह रहे हैं। सामुदायिक रसोई केंद्र में अब तक लगभग 85 लाख लोग भोजन कर चुके हैं। शिविरों में मानव एवं पशु चिकित्सा के लिए भी सभी इंतजाम किए गए हैं।
