ओबीसी श्रेणी के अंतर्गत मराठा आरक्षण का किया विरोध
नागपुर। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने हैदराबाद राजपत्र सरकारी आदेश के माध्यम से मराठा समुदाय को ओबीसी श्रेणी के अंतर्गत आरक्षण का लाभ देने के राज्य सरकार के फैसले का विरोध किया।
नागपुर में मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए राकांपा (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता श्री देशमुख ने कहा कि वह इस आदेश के खिलाफ छगन भुजबल के रुख का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उपलब्ध मौजूदा 27 प्रतिशत आरक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। श्री देशमुख ने कहा कि हम मराठा आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अगर ऐतिहासिक अभिलेखों के आधार पर मराठों को कुनबी प्रमाण पत्र प्रदान किया गया तो ओबीसी कोटा कमजोर हो जाएगा और यह उनके खिलाफ एक गंभीर अन्याय होगा। महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग द्वारा हैदराबाद राजपत्र को लागू करने के लिए जीआर जारी किए जाने के बाद ओबीसी समुदाय में बेचैनी है जिससे मराठा समुदाय के पात्र सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने की अनुमति मिल जाएगी। इससे उन्हें प्रमाण पत्र जारी होने के बाद ओबीसी श्रेणी के अंतर्गत आरक्षण का दावा करने में मदद मिलेगी। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार श्री देशमुख की खुली असहमति राज्य में आरक्षण के मुद्दे पर बहस को और तेज कर सकती है।
