पटना के कई घाट छठ के लिए खतरनाक घोषित
जिला प्रशासन ने जारी की सूची
पटना। बिहार की राजधानी पटना में छठ महापर्व से पहले पटना जिला प्रशासन ने गंगा नदी के घाटों और जलस्तर की समीक्षा के बाद खतरनाक और अनुपयुक्त घाटों की सूची जारी की है। जलस्तर में उतार. चढ़ाव और भूगर्भीय स्थितियों को ध्यान में रखते हुये यह निर्णय लिया गया है।
जिन घाटों को प्रशासन ने खतरनाक घोषित किया है वहां छठव्रतियों और आम श्रद्धालुओं का जाना निषेध या सावधानीपूर्वक करने की सलाह दी गई है। इन घाटों पर गहराई, जलप्रवाह की गति और फिसलन को मुख्य कारण माना गया है। खतरनाक घोषित घाटों की सूची में कंटाही घाट, राजापुर पुल घाट, पहलवान घाट, बांस घाट, बुद्धा घाट और नया पंचमुखी चौराहा घाट शामिल हैं। प्रशासन ने इन घाटों पर सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम करने और स्थानीय लोगों को सचेत करने का निर्देश भी दिया है। कलेक्टोरेट घाट और महेंद्रू घाट की ओर जाने वाली सड़कों (एप्रोच रोड) में वर्तमान में गंगा का पानी भर गया है जिससे श्रद्धालुओं का पहुंचना मुश्किल हो गया है। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से वैकल्पिक रास्ता बनाने का कार्य तेज़ी से जारी है ताकि छठ पर्व तक इन घाटों को आंशिक रूप से उपयोग में लाया जा सके।
एलसीटी घाट जो राजधानी का एक प्रमुख घाट माना जाता है उसकी स्थिति को लेकर फिलहाल मूल्यांकन जारी है। प्रशासन कटाव, जलगहराई, और घाट की संरचना जैसे बिंदुओं पर अध्ययन कर रहा है। एलसीटी घाट के सुरक्षित या असुरक्षित होने का निर्णय एक. दो दिन में लिया जाएगा। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत घाट के पास एक तालाब का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिससे छठव्रती सुरक्षित रूप से अर्घ्य अर्पित कर सकें। कुछ घाटों पर जलस्तर अत्यधिक कम होने और तली की सतह दलदली होने के कारण उन्हें अनुपयुक्त घोषित किया गया है। यहां छठ पूजा के दौरान अर्घ्य देना कठिन और असुरक्षित हो सकता है। अनुपयुक्त घाटों की सूची में टीएन बनर्जी घाट, मिश्री घाट, जजेज घाट, अदालत घाट और गुलबी घाट के नाम शामिल हैं। इन घाटों पर लोगों से वैकल्पिक सुरक्षित घाटों की ओर रुख करने की अपील की गई है।
जिला प्रशासन और नगर निगम ने पटनावासियों से अपील की है कि वे सुरक्षित एवं चिन्हित घाटों पर ही जाएं। सभी अनुमंडलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा इंतज़ाम, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित करें।
