संसद में हंगाामा एक सोची समझी साजिश ; शाह

नई दिल्ली। रविवार देर शाम पेगासस पर रिपोर्ट जारी होने और सोमवार को संसद के भीतर हंगामे के पीछे एक सोची समझी साजिश बताते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश की जनता इस क्रोनोलोजी को, इसे फैलाने वालों के रिश्ते को बहुत अच्छे तरीके से समझती है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत की विकास यात्रा को पटरी से उतारना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को अपमानित करना है। उन्होंने नए मंत्रियों का परिचय कराते समय सदन के भीतर विपक्ष के हंगामे को लोकतंत्र के मंदिर और उसकी गरिमा के खिलाफ बताते हुए कहा कि मोदी सरकार इन तमाम बाधाओं से निपटने को तैयार है और वह राष्ट्रीय कल्याण के लिए निरंतर काम करती रहेगी।
विदित हो कि इंटरनेशनल मीडिया कंसोर्टियम की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 300 से ज्यादा लोगों के फोन टैप कराए गए हैं। इनमें दो केंद्रीय मंत्री, विपक्ष के तीन नेता, 40 से अधिक पत्रकार, एक मौजूदा जज, सामाजिक कार्यकर्ता और कई उद्योगपति शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 2018 और 2019 के बीच फोन टैप कराए गए थे। इसे लेकर मानसून सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ।
केंद्र सरकार ने इजरायली कंपनी की ओर से तैयार जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस के जरिए पत्रकारों एवं अन्य विशिष्ट हस्तियों की जासूसी कराने संबंधी रिपोर्टों को खारिज कर दिया है। सरकार ने रिपोर्टों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र की छवि को धूमिल करने का प्रयास है। भारत अपने नागरिकों के निजता के अधिकारों की रक्षा करने को प्रतिबद्ध है। सरकार ने पेगासस के साथ संबंध के कथित दावों को खारिज करते हुए कहा कि कोई अनधिकृत अवरोधन नहीं हुआ है।
