सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों में से एक शबाना

1974 से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत करनेवाली शबाना  आजमी ने जल्द ही समानांतर सिनेमा की अग्रणी अभिनेत्रियों में से एक बन गई। यह भारतीय सिनेमा में एक नई लहर थी जो अपनी गंभीर सामग्री और नव.यथार्थवाद के लिए जानी जाती है और उसे उस समय के दौरान सरकारी संरक्षण प्राप्त था। भारत में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों में से एक शबाना की कई प्रकार की शैलियों में फिल्मों में प्रदर्शन को आम तौर पर प्रशंसित किया गया और उन्होंने कई पुरस्कार अर्जित किए।
शबाना आजमी की पहली रिलीज फिल्म “अंकुर”  थी जो सुपरहिट रही थी। पहली ही फिल्म के लिए शबाना को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ये फिल्म साल 1974 में रिलीज हुई थी जो एक्ट्रेस की पहली फिल्म थी। इसे श्याम बेनेगल ने बनाया था। फिल्म में शबाना ने दलित महिला लक्ष्मी का रोल निभाया था। फिर शबाना आजमी की फिल्म आयी “अर्थ”। ये फिल्म साल 1982 में रिलीज हुई थी जो रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी। फिल्म में एक्ट्रेस के साथ कुलभूषण खरबंदा नजर आए थे। इसके लिए एक्ट्रेस को दूसरा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इसके बाद शबाना आजमी को तीसरा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार फिल्म “खंडहर ” के लिए मिला था। ये साल 1984 में रिलीज हुई थी। फिल्म में उनके नसीरुद्दीन शाह और पंकज कपूर जैसे बेहतरीन स्टार्स नजर आए थे। फिल्म “पार” . साल 1985 में रिलीज हुई। फिल्म “पार” भी शबाना आजमी की बेस्ट फिल्मों में से एक हैं।  इसके लिए उन्होंने चौथी बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता था। इसमें भी एक्ट्रेस ने नसीरुद्दीन शाह और ओमपुरी के साथ काम किया था। फिल्म की कहानी ग्रामीण बिहार पर आधारित थी। इसके बाद 1999 में शबाना को फिल्म “गॉडमदर” के लिए पांचवां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। ये एक बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म थी। इसका निर्देशन विनय शुक्ला ने किया था। फिल्म की कहानी गुजरात के पोरबंदर की गैंगस्टर संतोबेन जडेजा पर थी। इसमें उन्होंने अपनी एक्टिंग से दर्शकों को कायल कर दिया था।

Leave A Reply

Your email address will not be published.