कृत्रिम अभाव पैदा करने का प्रयास न करें निजी अस्पताल : योगी
लखनऊ। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बढ़ते प्रकोप को कम करने के प्रयास में लगे सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर टीम-9 के सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वर्चुअल बैठक नहीं की बल्कि अधिकारियों के साथ बैठे और बचाव के एक-एक बिंदु पर विस्तार से चर्चा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कोरोना वायरस से संक्रमित सभी लोगों को अपेक्षित सुविधा प्रदान करने में लगी है। मेडिकल ऑक्सीजन के साथ ही दवा और अस्पतालों में कोविड बेड का भी इंतजाम किया गया है। इसके बाद भी इन सुविधाओं में बाधा बनने वालों के खिलाफ सरकार बेहद ही सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि पता चला है कि विभिन्न जनपदों में कतिपय निजी अस्पतालों ने बेड के साथ ही दवा तथा ऑक्सीजन आदि का कृत्रिम अभाव पैदा करने का प्रयास किया है। इनके खिलाफ बेहद ही सख्त कार्रवाई की जा रही है। कुछ निजी अस्पतालों ने शासन से तय शुल्क दर से कई गुना अधिक की वसूली की है। इनको तो मरीज और तीमारदार को अब ब्याज के साथ पैसा वापस करना ही पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि इस बीच में जो हो रहा है यह कतई उचित नहीं है। इस प्रकार की गतिविधियां आपराधिक हैं। कुछ जिलों में इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही सभी डीएम,सीएमओ ऐसे अस्पतालों पर नजर रखें और सख्ती के साथ यथोचित कार्रवाई करें। मरीज और उसके परिवार के लोगों का किसी भी प्रकार उत्पीडऩ स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं शासन के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी कई कोविड अस्पताल न तो संक्रमित के स्वजन को उनके स्वास्थ्य की दैनिक जानकारी दे रहे हैं और न ही खाली बेड्स की संख्या सार्वजनिक कर रहे हैं।डीएम,सीएमओ ऐसे अस्पतालों से वार्ता कर व्यवस्था ठीक कराएं अन्यथा की दशा में कार्रवाई सुनिश्चित करें। चिकित्सा शिक्षा मंत्री स्तर से ऐसे अस्पतालों की निगरानी की जाए। अब तो एल-01 एल-02 एल-03 बेड्स की जनपदवार समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 प्रबंधन के लिए गठित टीम को निर्देश दिया कि प्रदेश में सभी जिलों को जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध किये जा रहे हैं। भारत सरकार से हमें लगातार सहयोग प्राप्त हो रहा है। छह मई को दिन पहले 1032 मीट्रिक टन का वितरण किया गया। इसमें केवल रीफलर के माध्यम से ही 612 एमटी की आपूर्ति प्रदेश में की गई। अब वाराणसी में जल्द क्रियाशील हो रहे डीआरडीओ के कोविड अस्पताल को ट्रायल के लिए 10 एमटी ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई।
