शिक्षा के बल पर आज वह इस मुकाम पर खड़ी है : मुर्मु
बांसवाड़ा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षा को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि अगर उन्हें शिक्षा के लिए सुविधा नहीं मिल पाती तो आज वह इस मुकाम पर नहीं पहुंच पाती। श्रीमती मुर्मु ने शुक्रवार को मानगढ़ धाम में आदि गौरव सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्हें इस दौरान बांसवाड़ा जिले में जनजातीय छात्र-छात्राओं के लिए छह तथा पूरे राज्य में 30 एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल संचालित किए जाने का उल्लेख करते समय अपने विद्यार्थी जीवन की याद आ गई और छात्रावासों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुझे अपने विद्यार्थी जीवन की याद आ रही है। कक्षा सात तक अपने गांव में पढ़ाई करने के बाद मैंने भुवनेश्वर जाकर आगे की पढ़ाई पूरी की थी। यदि छात्रावास की सुविधा नहीं मिली होती तो शायद मेरी आगे की पढ़ाई मुश्किल से हुई होती या उसमें रुकावट भी आ सकती थी। आज मैं आपके सामने खड़ी हूं तो केवल शिक्षा के बल पर।
उन्होंने कहा कि मैं आप सबसे अनुरोध करती हूं कि अपने बेटे.बेटियों को जरूर पढ़ाइए। उन्हें अच्छी से अच्छी पढ़ाई करने का अवसर दीजिए और उनका उत्साह बढ़ाते रहिए। उन्होंने कहा कि मैं आशा करती हूं कि जनजातीय समुदाय सहित, राजस्थान के लोग विकास के नए प्रतिमान स्थापित करेंगे। मैं राजस्थान के सभी निवासियों के स्वर्णिम भविष्य की मंगल.कामना करती हूं।
