उत्तर प्रदेश में फिर योगी राज

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली। लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में बड़े समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आदित्यनाथ को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। योगी आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश के सीएम बने हैं। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के कई बड़े नेता शामिल हुए। योगी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में मायावती समेत अन्य कई विपक्षी नेताओं को निमंत्रण दिया, हालांकि ये बात अलग है कि बसपा सुप्रीमो इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं, लेकिन उन्होंने एक नसीहत के साथ बीजेपी सरकार के गठन की बधाई दी है। उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर योगी 2.0 सरकार को बधाई दी है। उन्होंने लिखा यूपी में नई भाजपा सरकार के गठन की बधाई तथा यह सरकार संवैधानिक व लोकतांत्रिक मूल्यों एवं आदर्शों के साथ कार्य करे।
गोरखपुर शहर सीट से भाजपा विधायक योगी आदित्यनाथ को शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया था जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इसके बाद उनका शपथ ग्रहण हुआ है। 11 मार्च को आए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा और सहयोगियों ने राज्य की 403 में से 274 सीटें जीतते हुए भारी बहुमत हासिल किया है। जिसके बाद योगी आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश के सीएम बने हैं। 2017 में भाजपा की जीत के बाद पहली बार योगी आदित्यनाथ यूपी के सीएम बने थे। पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद एक बार फिर उनको ये पद मिला है। इस तरह से यूपी के 33वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। वहीं यूपी में 25 मार्च को भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बनने के बाद समाजवादी पार्टी ने प्रदेश के लिए नेता प्रतिपक्ष चुन लिया है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने ऐलान किया है कि विपक्ष का चेहरा अखिलेश यादव ही होंगे, भले ही सपा यूपी में सरकार ने बना पाई हो लेकिन पिछले चुनाव से ज्यादा सीटें लाकर एक मजबूत विपक्ष बनने की कोशिश में जरूर है।
बता दें कि राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के विधायकों की बैठक हुई जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रहे। अखिलेश यादव पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की विधान परिषद के मौजूदा सदस्यों के साथ बैठक की अध्यक्षता भी की। बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव पहली बार विधायकी का चुनाव लड़े और करहल से जीते भी। इसके बाद उन्होंने आजमगढ़ से सांसद पद से इस्तीफा दे दिया और करहल के विधायक के तौर पर जिम्मेदारी संभाल ली।

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