राहुल की फिसली जुबान, संबित ने लिया निशाने पर
नई दिल्ली। महंगाई के खिलाफ कांग्रेस की हल्ला बोल रैली में राहुल गांधी ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला। हालांकि मोदी सरकार को घेरते समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जुबान एक बार फिर से फिसल गई। महंगाई के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में आटा 22 रुपये लीटर था। अब 40 रुपये लीटर है। इसे लेकर भाजपा ने राहुल गांधी पर हमला बोला है। भाजपा ने महंगाई के खिलाफ कांग्रेस की रैली को राहुल गांधी रिलॉन्च 4.0 बताया और कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि आटा ठोस है या तरल।
दरअसल किसान, बेरोजगारी, महंगाई से लेकर कई मुद्दों पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते समय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में उन्होंने कहा कि आटा जो पहले 22 रुपये प्रति लीटर था अब 40 रुपये प्रति लीटर है। हालांकि उन्होंने तुरंत इसे सुधारते हुए किलोग्राम कहा।
दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी के भाषण को लेकर उनपर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि गांधी का भाषण अपरिपक्व था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मुद्रास्फीति के विषय पर बोल रहे थे और उन्होंने आटे को लीटर में बदल दिया। उन्हें नहीं पता कि आलू जमीन के ऊपर उगते हैं या नीचे, उन्हें नहीं पता कि आटा ठोस है या तरल, लेकिन वह हर विषय पर बोलते हैं। इस दौरान संबित पात्रा ने रैली में न्यायपालिका पर राहुल गांधी की टिप्पणी को अदालत की अवमानना करार दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया के बिना यह लोकतंत्र अधूरा है। पात्रा ने कांग्रेस की रैली को परिवार बचाओ आंदोलन करार दिया और कहा कि यह गांधी परिवार के अस्तित्व को बचाने के लिए आयोजित की गई थी। उन्होंने अपनी पुरानी पटकथा दोहराई। संबित पात्रा ने कहा कि राहुल और जिम्मेदारी एक साथ नहीं चल सकते। राहुल गांधी का भाषण नफरत और गुस्से से भरा हुआ था। पात्रा ने कहा कि जो भ्रष्ट हैं और जो भ्रष्टाचार को अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते थे आज वे सभी डरे हुए हैं। उन्हें इस डर से ही नफरत है और उनके भाषण में गुस्सा झलक रहा था। विदित हो कि रैली में अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि न्यायपालिका और मीडिया सहित सभी संस्थानों पर दबाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन पर हमला कर रही है। उन्होंने कहा कि मीडिया पर कुछ कॉरपोरेट्स का नियंत्रण है और मीडिया संस्थान स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहे हैं।
