अपने बलबूते चुनाव लड़ रही बसपा : मायावती
अमरोहा। अमरोहा में बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि हमारी पार्टी चुनाव घोषणा पत्र जारी नहीं करती है। हमारी पार्टी कार्य करने में ज्यादा विश्वास करती है। चार बार सत्ता में रही हमारी पार्टी ने बिना घोषणा पत्र जारी किए ही बहुत कुछ कार्य करके दिखाए है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि हमारी पार्टी गठबंधन के साथ मिलकर नहीं बल्कि अपने बलबूते चुनाव लड़ रही है। हमने टिकट बंटवारे के मामले में भी सर्व समाज के लोगों को उचित भागीदारी दी है।
मायावती ने अपने चौबीस मिनट के संबोधन में दलित, पिछड़ा, मुस्लिम कार्ड खेल गईं। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस को आडेहाथ लेते हुए तीनों ही वर्ग को जोड़ने की कोशिश की। इसके साथ ही किसानों को भी साधा। कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने गरीब, पिछड़े, दलितों, मुस्लिम के साथ धोखा किया। उन तक योजनाएं नहीं पहुंच रही हैं। आरक्षण का कोटा भी अधूरा रखा गया है। भाजपा सरकार में भी दलितों और मुस्लिम का शोषण बंद नहीं हुआ है। गरीब लोगों की हालत ठीक नहीं है।गलत नीतियों के चलते मध्यम वर्ग के लोग भी दुखी और परेशान हैं। देश और प्रदेश में महंगाई और भ्रष्टाचार बढ़ा है।
उन्होने कहा कि चार बार उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार के दौरान बहुत काम हुए। अगर फिर सरकार बनाने का मौका मिलेगा तो विरोधी पार्टियों की तरह हवा.हवाई काम नहीं किया जाएगा। पिछले कई सालों से भाजपा सरकार गरीब लोगों का वोट लेने के लिए फ्री में राशन देती है, लेकिन जब चुनाव होता है तो उनसे इसका कर्जा उतारने को कहते हैं। मायावती ने कहा कि गरीबों की राशन देना भाजपा की मेहरबानी नहीं है। आप जो टैक्स देते हैं उससे यह खाद्य सामग्री आती है सरकार नहीं देती। उन्होंने कहा कि जब-जब बसपा के नेतृत्व में यूपी में सरकार बनी है किसान वर्गों के लोगों का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व की आड़ में हो रही राजनीति अब खत्म होने की कगार पर है। मायावती ने कहा ने कहा कि हमने टिकट बंटवारे के मामले में भी सर्व समाज के लोगों को उचित भागीदारी दी है। मायावती ने कहा कि दुख की बात ये है कि भाजपा और अन्य विरोधी पार्टियां जो अपने आप को क्षत्रियों की हिमायती समझती हैं ने इस बार पश्चिमी यूपी से क्षत्रिय समाज की उपेक्षा की है जबकि बसपा ने अन्य के साथ-साथ क्षत्रिय समाज को भी पूरा-पूरा आदर.सम्मान दिया है। पश्चिमी यूपी में सहारनपुर और मेरठ मंडल से कई टिकट क्षत्रिय समाज को दिए हैं।
