दरभंगा में वर्ल्ड क्लास आइटी पार्क बनकर तैयार
दरभंगा। दरभंगा के रामनगर में वर्ल्ड क्लास आइटी पार्क बनकर तैयार हो गया है। यह बिहार का दूसरा सबसे बड़ा आइटी पार्क है। अब तक यहां मिथिला स्टैक और अभिकेयर दो कंपनियों ने अपना दफ्तार खोला है जबकि विदेशों की डेढ़ दर्जन से अधिक कंपनियों के आवेदन विचाराधीन हैं। ऐसे में अब सिर्फ इसके उद्घाटन का इंतजार है। लगभग 9.28 करोड़ की लागत से आइटी पार्क का निर्माण हाइटेक तरीके से कराया गया है। इसके अंदर लग्जरी सुविधाएं बहाल की गई हैए जो बेंगलुरु के आइटी पार्क के समान है।
उत्तर बिहार के इस सबसे बड़े आईटी पार्क का नाम सॉफ्टवेयर टेक्नोलाजी पार्क आफ इंडिया (एसटीपीआई) रखा गया है। इसका निर्माण लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ कराया गया है जिससे आइटी से जुड़े लोगों को अब दूसरे जगह जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इसका लाभ दरभंगा सहित पूरे मिथिला के आइटी सेक्टर से जुड़े युवाओं को मिलेगा। यहां सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के लिए सभी प्रकार की व्यवस्था की गई हैं। इसके उद्घाटन होने से सबसे अधिक लाभ आइटी इंजीनियरों को होगा। अब यहां के लोगों को आइटी सेक्टर के जॉब के लिए बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे महानगरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।आइटी पार्क के लिए दो मंजिल भवन का निर्माण कराया गया है। इसमें चार अधिकारियों के लिए तीन केबिन, एक कॉन्फ्रेंस रूम, दो गेस्ट रूम, एक नेटवर्क ऑपरेटर सेंटर, एक यूपीएस और एक पैनल के लिए कक्ष सुरक्षित किया गया है। ऊपरी मंजिल पर दो केबिन की सुविधा बहाल की गई है। पूरे परिसर में फाइव.जी इंटरनेट की सुविधा बहाल की जाएगी। नेशनल प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनपीसीसी) के साइट इंजीनियर विजय कुमार सिंह ने बताया कि आइटी पार्क के निर्माण कार्य को पूरा कर लिया गया है।
दरभंगा आईटी पार्क में पहला दफ्तार अभिकेयर्स ने खोला है। अभिकेयर के सीइओ अभिमन्यु आजाद ने बताया कि उनकी कंपनी एक स्टार्टअप कंपनी है। उनकी कंपनी को आईआईएम बोधगया से इनक्यूबेशन मिला हुआ है। उनकी कंपनी होम सौल्यूशन का काम देखती है। आजाद ने कहा कि दरभंगा जैसे शहर में आईटी पार्क होने से छोटी और स्टार्टअप कंपनियों के लिए सकारात्मक माहौल पैदा हुआ है।
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