तेजस्वी का मतदाता फोटो कार्ड फर्जी, जमा कराने का निर्देश
नई दिल्ली। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने जांच में पाया है कि बिहार विधान सभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने दो अगस्त की अपनी प्रेस वार्ता में अपना जो मतदाता फोटो आईकार्ड (ईपिक) दिखाया था वह फर्जी है और उसे आयोग द्वारा नहीं जारी किया गया है। श्री यादव का नाम एक दूसरे कार्ड नंबर के साथ बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पुस्तकालय भवन के मतदान केंद्र संख्या 204 की सूची में क्रम संख्या 416 पर दर्ज है और उसका फोटो आईकार्ड नंबर दूसरा है।
अधिकारियों ने श्री यादव को फर्जी कार्ड जमा कराने के लिए लिखा है कि फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाना एवं उपयोग करना कानूनी अपराध है। बिहार की दीघा विधान सभा सीट (181) के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पादधिकारी, पटना सदर ने श्री यादव को पत्र लिख कर अनुरोध किया है कि वह अपना आरएबी2916120 नंबर का फर्जी ईपिक 16 अगस्त शाम पांच बजे तक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी कार्यालय में जमा करा दें।
दीघा क्षेत्र के मतदाता निबंधन अधिकारी ने श्री यादव को लिखे पत्र में प्रेस कांफ्रेस में उनके इस वक्तव्य का हवाला दिया है कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर सर्च करने और बिहार की सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण.2025 के बाद जारी सूची में मतदाता फोटो पहचान पत्र आरएबी2916120 नंबर से देखने पर उनका नाम अंकित नहीं मिला और नाम विलोपित कर दिया गया है। दीघा के मतदाता पंजीयन अधिकारी ने श्री यादव को लिखा है कि जांच के दौरान पाया गया कि आपका नाम मतदान केंद्र संख्या 204 , बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन की सूची में क्रम संख्या 416 पर ईपिक संख्या आरएबी0456228 पर ही अंकित है। जांच से यह भी पता चला है कि राधेपुर विधान सभा क्षेत्र के सदस्य श्री तेजस्वी यादव के नाम 2015 और 2020 के चुनाव नामांकन पत्र में उनकी ईपिक संख्या आरएबी0456228 ही अंकित की गई थी। उनकी ओर से इस बार सूची पुनरीक्षण के दौरान जो गणना फार्म जमा किया गया उसमें भी उनकी ईपिक संख्या आरएबी0456228 ही दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि कानून के अनुसार कोई पात्र नागरिक देश में एक समय में केवल एक क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत हो सकता है।
