पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा ने थामा बीजेपी का दामन

पटना। जैसे-जैसे बिहार में विधानसभा चुनाव चुनाव नजदीक आता जा रहा है राजनीतिक तापमान में भी बदलाव नजर आने शुरू हो गए हैं। जहां एक ओर चौक चौराहों पर किस दल का पलडा होगा भारी की चर्चा चल रही है वहीं नेताओं का दल बदल भी तेज होने लगा है। शायद यही कारण है कि पूर्व आईपीएस और राजनेता बने आनंद मिश्रा ने भाजपा का दामन थाम लिया। उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि कुशवाहा और बिहार की पूर्व मंत्री सुचित्रा सिन्हा भी भाजपा में शामिल हुई हैं।
पटना स्थित भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल,  उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने इन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर आनंद मिश्रा ने कहा कि बिहार को मजबूत बनाने के लिए भाजपा का मजबूत होना जरूरी है और वे इसी सोच के साथ पार्टी में आए हैं। उन्होंने साफ किया कि वे चुनावी टिकट के दावेदार नहीं हैं फिर भी जीवनभर भाजपा के लिए काम करेंगे। आनंद मिश्रा पहले प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से जुड़े थे जहां उन्हें यूथ विंग की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन, हाल के दिनों में उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली थी। इससे पहले वे बक्सर से निर्दलीय लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं जिनमे खास सफलता नहीं मिली।
नागमणि कुशवाहा की पहचान बिहार.झारखंड की राजनीति में पिछड़ों के बड़े नेता के रूप में रही है। वे दिवंगत क्रांतिकारी नेता जगदेव प्रसाद के पुत्र हैं  जिन्होंने पिछड़ों के अधिकारों के लिए बड़ा आंदोलन किया था और 1974 में पुलिस फायरिंग में शहीद हो गए थे। नागमणि विभिन्न दलों जैसे आरजेडी,  जेडीयू और लोजपा में रह चुके हैं और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी बने थे। भाजपा की सदस्यता लेने के बाद नागमणि ने कहा कि वे बिना किसी शर्त के पार्टी में आए हैं और नेतृत्व के हर आदेश का पालन करेंगे। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में कुशवाहा समाज पूरी तरह से एनडीए के साथ खड़ा होगा।

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