राजस्थान के पूर्व मंत्री को भ्रष्टाचार मामले में जमानत

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी को 900 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन घोटाला के सिलसिले में गिरफ्तार किए जाने के सात महीने बाद जमानत दे दी।
पूर्व मंत्री के वकील ने उच्चतम न्यायालय में तर्क दिया कि वह सात महीने से जेल में हैं और रिश्वत के आरोप निर्णायक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं। ईडी ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि यदि श्री जोशी को जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने श्री जोशी द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका पर यह आदेश पारित किया। उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय में दायर इस विशेष अनुमति याचिका में राजस्थान उच्च न्यायालय के अगस्त के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन के आरोप में मंत्री को इस साल 24 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। ईडी के आरोपपत्र के अनुसार, श्री जोशी प्रथम दृष्टया अपने सह.आरोपी महेश मित्तल और पदम चंद को अवैध रूप से निविदाएँ प्रदान करके अवैध धन अर्जित करते थे और धन शोधन करते थे। उन्होंने लगभग 50 लाख रुपये की आपराधिक आय अर्जित की थी। साथ ही, लगभग 2 करोड़ रुपये की हेरफर भी की गई थी। पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान श्री जोशी सार्वजनिक स्वास्थ्य और विकास विभाग के मंत्री थे।

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