जल संरक्षण को बनाये जनआंदोलन : योगी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम की अनिश्चितता और संभावित कम वर्षा के मद्देनजर जल संरक्षण एवं वर्षाजल संचयन को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा है कि पानी की एक भी बूंद व्यर्थ नहीं जानी चाहिए।
रविवार को मानसून, पेयजल आपूर्ति और भूजल संरक्षण की समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न होने पाए तथा जलापूर्ति व्यवस्था निर्बाध और सुचारु बनी रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “कैच द रेन” अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ और प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया।
बैठक में मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के दीर्घावधि पूर्वानुमान के अनुसार वर्ष 2026 के दक्षिण.पश्चिम मानसून के दौरान उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। जून से सितंबर के बीच पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में वर्षा सामान्य से कम रहने तथा तापमान सामान्य से अधिक रहने के संकेत मिले हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने सिंचाई, पंचायती राज, भूगर्भ जल, नमामि गंगे, राजस्व और कृषि विभाग को समेकित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए तथा अमृत सरोवरों के संरक्षणए रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग और जल पुनर्भरण कार्यों को मिशन मोड में आगे बढ़ाने को कहा।
समीक्षा बैठक में भूगर्भ जल विभाग ने बताया कि प्रदेश में भूजल संरक्षण के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2013 में अतिदोहित विकासखंडों की संख्या 113 थी, जो वर्ष 2025 में घटकर 44 रह गई है। वहीं अन्य स्रोतों से भूजल पुनर्भरण वर्ष 2017 के 30.59 लाख करोड़ लीटर से बढ़कर वर्ष 2025 में 35.79 लाख करोड़ लीटर हो गया है। इसी अवधि में कुल वार्षिक भूजल पुनर्भरण 69.91 लाख करोड़ लीटर से बढ़कर 73.39 लाख करोड़ लीटर तक पहुंच गया। विभाग के अनुसार पिछले दस वर्षों में 361 विकासखंडों में भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वर्षों की कार्ययोजना को जल संरक्षण, हरित ऊर्जा और आधुनिक सिंचाई तकनीकों से जोड़ा जाए ताकि उत्तर प्रदेश जल सुरक्षा और टिकाऊ कृषि विकास का राष्ट्रीय आदर्श मॉडल बन सके। उन्होंने मौसम विभाग से मानसून की साप्ताहिक रिपोर्ट नियमित उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नगर विकास मंत्री ए के शर्मा तथा पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
