फिर चला मोदी का जादू
नई दिल्ली। अब इस बात में कोई दो राय नहीं कि सत्ता के सिंहासन पर लोग उसी पार्टी के लोगों को देखना चाहते हैं जो बगैर जात.पात, बगैर धर्म, बगैर उंच-नीच का भेदभाव किए प्रदेश में विकास के रास्ते को खोलती है और वे सारे कार्य करती है जो जनहित में हो। जनता स्वच्छ शासन और स्वच्छ प्रशासन भी अपने जन.प्रतिनिधियों से चाहती है। और शायद यही कारण रहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में भाजपा ने अपना परचम लहरा दिया। न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में भी अपना जलवा दिखाया।
यहां इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि जिस तरह से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबके साथ सबका विकास का नारा दिया और इस ओर अग्रसर रहे इससे इन राज्यों में भाजपा ने अपनी गहरी पैठ बना ली है। भाजपा की इस जीत ने जातिय तिलिस्म को भी तोडने का काम किया है। देखा जाए तो इस बार के विधानसभ्भा चुनाव में मुख्य विपक्षी पार्टी सपा ने पूरी तरह अपने को जाति पर केंद्रित कर रखा था। इसके अलावा इसे भाजपा के धुरविरोधी मुस्लिमों का भी समर्थन था किंतु इन सबों के बावजूद भाजपा ने जो अपना जीत का परचम लहराया उसके पीछे शायद यही कारण रहा प्रधान मंत्री मोदी का नारा सबका साथ सबका विकास। योगी सरकार में जिस तरह से समाज क नीचले तवके तक को सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी, विकास के कार्यो का अंजाम दिया गया, स्वच्छ प्रशासन की व्यवस्था की गई यह समाज के हर तवकों के बोट को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहा।
अगर हम उत्तराखंड की बात करें तो यहां भाजपा ने मुख्यमंत्री बदले पर विकास कार्यो की गतिविधियों में कोई कमी आने नहीं दी चाहे वह चारधाम जैसी महत्वाकांक्षी सडक परियोजना ही क्यों न हो। गोवा और मणिपुर की बात करें तो यहां भी इसने विकास को ही केंद्र में रखा और अपनी कुशलता का परिचय देते हुए यहां भी अपने परचम को लहराने में सपफलता प्राप्त की। कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरगामी सोच सबका साथ सबका विकास का ही परिणाम रहा कि इन राज्यों में भाजपा की नीतियों से प्रभावित हुए और इस पार्टी का साथ दिया। यूपी उत्तराखंड में भाजपा गठबंधन को दो तिहाई बहुमत और गोवा मणिपुर में भी सरकार बनाने की ओर बढ गई।
