राधिका खेड़ा ने छोडा कांग्रेस का साथ
रायपुर। कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। पिछले दिनो दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिह लवली के साथ ही कई अन्य नेताओं ने इस्तीफा दिया वहीं आज कांग्रेस की नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर राधिका खेड़ा ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है।उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर लिखा कि आज अत्यंत पीड़ा के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे रही हूं। साथ ही अपने पद से इस्तीफा दे रही हूं।
राधिका ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को तीन पेज के लिखे इस्तीफा पत्र में कहा कि आदिकाल से स्थापित सत्य है कि धर्म का साथ देने वालों का विरोध होता है। हिरण्यकशिपु से लेकर रावण और कंस तक इसका उदाहरण है। वर्तमान में प्रभु श्रीराम का नाम लेने वालों का कुछ लोग इसी तरह से विरोध कर रहे हैं। हर हिंदू के लिए प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली पवित्रता के साथ बहुत मायने रखती है और रामलला के दर्शन मात्र से जहां हर हिंदू अपना जीवन सफल मानता है। वहीं कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। मैंने जिस पार्टी को अपने 22 साल से ज्यादा समय दिए, जहां एनएसयूआई से लेकर आईसीसी के मीडिया विभाग में पूरी ईमानदारी से काम किया। आज वहां ऐसे तीव्र विरोध का सामना मुझे करना पड़ रहा है क्योंकि मैं अयोध्या में रामलला के दर्शन करने से खुद को रोक नहीं पाई। मेरे इस पुनीत कार्य का विरोध इस स्तर पर पहुंच गया कि मेरे साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुए घटनाक्रम में मुझे न्याय देने से इनकार कर दिया गया। मैं हमेशा से दूसरों के न्याय के लिए इस हर मंच से लड़ाई लड़ी है, लेकिन अब स्वयं के न्याय की बात आई तो पार्टी में मैं स्वयं को हारा हुआ पाया। प्रभु श्रीराम की भक्ति और एक महिला होने के नाते मैं बेहद आहत हूं। हर बार पार्टी के समस्त सूचना नेताओं की अवगत कराने के बाद भी जब मुझे न्याय नहीं मिला। इससे आहत होकर मैंने आज ये कदम उठाया है। आज अत्यंत पीड़ा के साथ पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे रही हूं। इसके साथ ही अपने पद से इस्तीफा दे रही हूं। हां मैं लड़की हूं और लड़ सकती हूं और अब मैं वही कर रही हूं। अपने और देशवासियों के न्याय के लिए मैं निरंतर लड़ती रहूंगी।
