कत्थक और ओडिसी से थिरक उठा नृत्य कला मंदिर का मंच
पटना। भारतीय नृत्य कला मंदिर का मंच उस समय थिरक उठा जब यहां कत्थक और ओडिसी नृत्य के कलाकारों ने समा बांधा। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार तथा भारतीय नृत्य कला मंदिर के संयुक्त देखरेख में आयोजित “शनिबहार” कार्यक्रम में दर्शक भाव विभोर होते चले गए।
बताया जाता है कि कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति कथक नृत्य से शुरू हुई जिसे प्रस्तुत किया सुषमा कुमारी ने। अपनी प्रस्तुति में सुषमा कुमारी ने शुरुआत गुरु वन्दना से करने के बाद तीन ताल, शिव स्त्रोतम .नागेंद्र हाराय, दुर्गा स्तुति. सर्व मंगल मांगल्य, बसंत ताल और ठुमरी . सैंया रूठ गए सुफी . छाप तिलक से कार्यक्रम का समापन किया।
संध्या की दूसरी प्रस्तुति मे ओडिसी नृत्यांगना प्रांजल प्रिया कीओडिसी नृत्य लय, भाव और अभिव्यक्ति ने हर दिल को छू लिया। प्रांजल ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत मंगलाचरण गणेश वंदना से की उसके बाद हरि ओम द्वारा गुरु का नमन किया जो राग मलिका पर आधारित था। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन सोमा चक्रवर्ती ने किया।
