उद्धव के फैसले से बगावत के मूड में बंगाल के शिवसैनिक

कोलकाता। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को समर्थन देने के एलान के बाद राज्य के शिवसैनिकों के खलबली मच गयी है। शिवसेना के प्रदेश महासचिव अशोक सरकार ने कहा कि प्रदेश कमेटी से चर्चा किये बगैर इस तरह के निर्णय से यहां के सभी काफी निराश हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा को चुनौती देने के लिए पार्टी के पास एक अच्छा अवसर था। झाड़ग्राम में तीन, कूचबिहार में चार और पश्चिम बर्दवान में दो सीटों पर पार्टी की स्थिति काफी मजबूत है।
अशोक सरकार ने कहा कि पार्टी हाईकमान के निर्णय का प्रदेश कमेटी समर्थन करेगी लेकिन जिला स्तर के नेता और कार्यकर्ताओं की भावना की कद्र करते हुए शिवसेना इस चुनाव में निर्दल उम्मीदवार उतारने को लेकर चर्चा कर रही है। पश्चिम बर्दवान के जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि पार्टी के इस निर्णय के बाद जिले के अधिकांश नेता व कर्मी भाजपा में शामिल होने का सुर अलाप रहे हैं। संभव है किसी भी दिन एक झुंड में शिवसेना के नेता व कर्मी भाजपा में शामिल हो सकते हैं। सनद रहे कि पश्चिम बंगाल में प्रथम चरण के चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। इसी बीच शिवसेना ने राष्ट्रीय जनता दल और समाजवादी पार्टी के तर्ज पर तृणमूल को अपना समर्थन देने का एलान कर दिया। शिवसेना के प्रवक्ता श्री राउत ने कहा है कि पार्टी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने बंगाल में दीदी को समर्थन देने की घोषणा की है।
