मनसा देवी मंदिर हादसे में आठ की मौत, 30 घायल
देहरादून। उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर पैदल मार्ग में रविवार सुबह मची भगदड़ में मरने वालों की संख्या आठ हो गयी है, जबकि प्रशासन ने 30 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है।
मंदिर ट्रस्ट और सरकार दोनों ने हताहतों के परिजनों को दो- दो लाख रुपए तथा घायलों के लिए पचास-पचास हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा, मंदिर ट्रस्ट ने शवों को और घायलों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए निःशुल्क वाहन का बंदोबस्त करने की घोषणा की है।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने रात्रि करीब नौ बजे हरिद्वार जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया कि मनसा देवी मन्दिर परिसर में भगदड़ की घटना में आठ लोगों की मृत्यु हुयी है तथा 30 लोगों के घायल हुये हैं। उन्होंने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को दूरभाष तथा अन्य माध्यमों से जो प्राथमिक जानकारी प्राप्त हुयी तथा जिला प्रशासन द्वारा गहनतापूर्वक जांच के उपरांत जो सूची जारी की गयी है उसमें घायलों की संख्या में कुछ अंतर आया है। उन्होंने बताया कि कुछ मामूली रूप से घायल हुए लोगों को प्राथमिक उपचार के उपरांत घर जाने की इजाज दे दी गयी, जिन्हें घायलों की सूची में नहीं रखा गया है। श्री सुमन ने बताया कि जिला प्रशासन के स्तर पर गहनतापूर्वक जांच तथा परिजनों से बातचीत के उपरांत घायलों की संशोधित सूची जारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश में बरेली के सौदागरण निवासि आरूष (12), बिहार के अररिया निवासी शकल देव (18) उत्तर प्रदेश के मजरा रामपुर निवासी विक्की (18), उत्तराखंड में काशीपुर निवासी विपिन (18), उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिला के निवासी वकील, उत्तर प्रदेश में बदायूं निवासी रामभरोसे और शान्ति तथा उन्नीस वर्षीय अज्ञात व्यक्ति के रूप में हुयी है। श्री सुमन ने बताया कि घटना स्थल पर पुलिसए राजस्व, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन मोचन (एनडीआरएफ), राज्य आपका प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) तथा जिला प्रशासन की टीम द्वारा राहत एवं बचाव का कार्य तत्परता के साथ किए गये। उन्होंने बताया कि घायलों का इलाज ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) तथा जिला अस्पताल में किया जा रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी की जा रही सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
