राहुल के सामने बौना हो रहा तेजस्वी का कद : गिरिराज
पटना। केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने बुधवार को कहा कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भले ही खुद को विपक्ष का अगुआ दिखाने की कोशिश करे, लेकिन सहयोगी दल उसके पैरों तले से ज़मीन खींच रहे हैं और अब हकीकत यह है कि महागठबंधन में फैसला लेने की हैसियत कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पास है तथा तेजस्वी का कद लगातार बौना होता जा रहा है।
श्री सिंह ने बयान जारी कर कहा कि बिहार की राजनीति में एक बार फिर महागठबंधन की अंतर्कलह खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस ने साफ संकेत दे दिया है कि वह राज्य में अब निर्णायक भूमिका में आने वाली है और कम से कम 70 सीटें अपने हिस्से में चाहती है। ध्यान देने की बात है कि कांग्रेस इन सीटों का चयन भी खुद करेगी और केवल जिताऊ सीटें ही उसे चाहिए। दूसरी तरफ विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी 60, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी (भाकपा माले) 40 और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और लोजपा (पारस गुट) जैसी पार्टियां भी कम से कम 10 सीटों की मांग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में राजद के हिस्से मुश्किल से 53 सीटें ही बचेंगी। महागठबंधन दरअसल वह ट्रेन है जिसकी हर बोगी इंजन बनने की कोशिश में है। यही वजह है कि इस गठबंधन में एकजुटता कम और गड़बड़झाला ज़्यादा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंडी गठबंधन की आपसी कलह उपराष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी देखने को मिली। एक तरफ जहां एनडीए एकजुट दिखी वहीं इंडी गुट के 14 सांसदों ने उपराष्ट्रपति चुनाव के दौरान एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में अपना मत दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव की मज़बूरी है कि अब वह बिहार की अस्मिता पर भी चुप्पी साध लेते हैं और वह कांग्रेस के दवाब में उन नेताओं के साथ मंच साझा करते दिखे जो बिहार का अपमान करते आये हैं। कांग्रेस के पीछे-पीछे चलने के बावजूद भी तेजस्वी को उतना भाव नहीं मिल रहा है जिसकी उन्हें अपेक्षा है।
